जौनपुर। पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि के विरोध में ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसियों से पुलिस की झड़प हुई। पुलिस के रुख से नाराज कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस पर दुर्व्यवहार व मनमानी का आरोप लगाया। बाद में प्रबुद्ध लोगों के हस्तक्षेप काफी मान-मनुहार के बाद मामला शांत हुआ।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्र को ज्ञापन देकर कार्यकर्ता बाहर आ गए थे। इस दौरानी वहां मौजूद सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं को बिना अनुमति आने पर आपत्ति जताई। निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए सख्ती दिखाई तो कार्यकर्ता भड़क उठे। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कलेक्ट्रेट पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश तो झड़प हो गई। विरोध में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।
धरना सभा में नदीम जावेद ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी रही है। आम जनता परेशान है। लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है। जनता की आवाज बनकर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं तो सरकार पुलिस की धौंस दिखा रही है। करीब पौन घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रबुद्ध लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरभ शुक्ला, राकेश उपाध्याय, विक्रम बहादुर सिंह, प्रेम नारायण यादव, डॉ प्रमोद कुमार सिंह, गौरव सिंह सनी, शकुंतला शुक्ला, मनीष दुबे, अनिल सोनकर, कलेंदर बिंद, राजकुमार निषाद, मुफ़्ती मेहदी, जयमंगल यादव, अशोक साहू, मदन मिश्रा, राजन तिवारी एडवोकेट, संदीप सोनकर, शिव मिश्रा, रेयाज अहमद राज, शाहनवाज खान, शिबली सिद्दीकी आदि शामिल रहे। संचालन युवा कांग्रेस के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने किया।
महंगाई के खिलाफ ज्ञापन
मछलीशहर। कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अमिताभ यादव सौंपा। ज्ञापन में डीजल-पेट्रोल की मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते धरना दे रहे कार्यकर्ताओं ने मूल्य नियंत्रण प्रणाली लागू करने की मांग की। रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल, वैट कर में हुई बढ़ोतरी को वापस लेने, आयकर के दायरे से मुक्त गरीबों को 7500 रुपये प्रतिमाह भत्ता देने और गरीबों को 10 किलो प्रति व्यक्ति अनाज मुफ्त में देने की मांग की। प्रदर्शन में जिला मंत्री कल्पनाथ गुप्ता, सुभाषचंद्र गौतम, रामनाथ, संदीप शर्मा, सत्यनारायण, लालजी यादव आदि मौजूद रहे।