जौनपुर। सड़क दुर्घटना के एक मामले में वाहन स्वामी से क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली न करने पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने जौनपुर जिलाधिकारी का वेतन रोकने के लिए कमिश्नर वाराणसी को आदेश दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी के कृत्य को आपत्तिजनक बताया। साथ ही तहसीलदार मछलीशहर को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए मामला उच्च न्यायालय इलाहाबाद को संदर्भित किया जाए। अग्रिम तिथि 22 अप्रैल 2026 नियत की गई है। सुजानगंज के फत्तूपुर निवासी रामलाल की 16 फरवरी 2019 को मोटरसाइकिल से ससुराल जाते समय टेंपो चालक की लापरवाही से दुर्घटना हो गई थी, जिससे उसका पैर कई जगह टूट गया। कई अस्पतालों में उसका इलाज चला और लाखों रुपये खर्च हुए। उसने टेंपो के मालिक गुलाम हसन निवासी लाई मंडी साहबगंज मुंगराबादशाहपुर एवं बीमा कंपनी द ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति का मुकदमा दाखिल किया। टेंपो चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने के कारण कोर्ट ने बीमा कंपनी को उत्तरदायी न मानते हुए वाहन स्वामी को क्षतिपूर्ति का उत्तरदायित्व मानते हुए 1.60 लाख रुपये क्षतिपूर्ति व उस पर 2019 से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का 21 जनवरी 2025 को वाहन स्वामी को आदेश दिया। आदेश के बावजूद वाहन स्वामी ने भुगतान नहीं किया। तब याची के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने धनराशि की वसूली के लिए आरसी जारी किया लेकिन तहसीलदार मछली शहर द्वारा न तो वसूली कराई गई और न ही स्पष्टीकरण दिया गया। मछलीशहर तहसीलदार का आधा वेतन रोकने का कोर्ट ने आदेश दिया, लेकिन जिलाधिकारी द्वारा वेतन रोकने के संबंध में कोई आख्या प्रस्तुत नहीं की गई और न ही कोर्ट के आदेश का अनुपालन हुआ जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।