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अस्थाई जेल से मुक्त हुआ कॉलेज, जिला कारागार भेजे गए बंदी

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जौनपुर। पचहटिया स्थित प्रसाद इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी को बृहस्पतिवार को अस्थाई जेल से मुक्त कर दिया गया। यहां रखे गए कुल 125 बंदियों को जिला कारागार भेज दिया गया। अब नए बंदियों को जिला कारागार में ही क्वारंटीन बैरक में रखा जाएगा। उधर जेल से मुक्त होते ही कॉलेज में सफाई का काम शुरू कर दिया गया। साफ सफाई होने के बाद यहां शिक्षण कार्य शुरू हो सकेगा। अमर उजाला ने इस समस्या को बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
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लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में जब जिले में तब्लीगी जमात के कुछ सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो उन्हें जेल भेजने से पहले क्वारंटीन में रखने के लिए सात अप्रैल को प्रसाद इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी की फार्मेसी बिल्डिंग को अस्थाई जेल के लिए प्रशासन ने लिया था। बीच में 11 जुलाई को यहां से अस्थाई जेल को हटा लिया गया था। फिर 29 जुलाई को दोबारा यहां अस्थाई जेल बना दिया गया था। इधर स्कूल कॉलेज खुलने का आदेश जारी हुआ तो कॉलेज प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। पढ़ाई बाधित होने की खबर को अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार की शाम ही अस्थाई जेल खत्म कर कॉलेज को खाली कर दिया गया। कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए लॉकडाउन में बनाई गई इसी अस्थाई जेल में 6 मई को जिले के जमात प्रमुख नसीम अहमद की मौत हो गई थी। लचर सुरक्षा व्यवस्था के चलते अलग अलग तिथियों में हत्यारोपी समेत तीन बंदी यहां से फरार हो गए थे। दो को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि एक अभी भी फरार है। अस्थाई जेल के प्रभारी एसडीएम सदर नितीश कुमार ने बताया कि अस्थाई जेल को खत्म कर सभी बंदियों को जिला कारागार भेज दिया गया।
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