उमानाथ सिंह की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
जौनपुर। टीडी कालेज में श्रद्धांजलि समारोह के बहाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन 2019 पर ध्यान केंद्रित कर निशाना साधा। अपने 37 मिनट के भाषण में उन्होंने गांव, गरीब, किसान, महिला और व्यापारियों को भी साधने की कोशिश की। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी उनके मुख्य निशाने पर रही। उन्होंने आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, स्वच्छ भारत मिशन, शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं के माध्यम से जनता के मन मस्तिष्क पर सरकार की बेहतर छवि को उकेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने न सिर्फ भाजपा सरकार की योजनाएं गिनाईं, बल्कि पिछली सरकारों के मुकाबले उनकी सरकार में संचालित योजनाओं की तुलना भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस के पूर्व पीएम राजीव गांधी ने कहा था कि वह दिल्ली से एक रुपये भेजते हैं, तो जनता को 10 पैसे ही मिल पाते हैं। बाकी 90 पैसे बीच में ही रह जाते हैं। तत्कालीन पीएम की इस बात से उनकी लाचारी झलकती है। जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना के माध्यम से 38 करोड़ गरीबों के खाते बैंक में खुलवाए। अब डीबीटी(डायरेक्ट बेनफिट ट्रांजेक्शन) के माध्यम से सरकार ने पहले चरण में भ्रष्टाचार पर प्रहार का महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं पर पिछली सरकार ने कोई रुचि नहीं ली। जिससे प्रदेश का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। केंद्र सरकार योजनाओं का पैसा भेजती रही और तत्कालीन सरकार को तरह तरह के कारनामे करने से फुर्सत ही नहीं मिली। इधर जब प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनी, तो विकास की रफ्तार भी तेज हो गई है। एक वर्ष में सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत 8.85 लाख गरीबों को आवास बनवा दिए। शौचालय निर्माण में भी तेजी आई है। सीएम ने कहा कि गरीबी हटाने की बातें बहुत हुई। भाषणबाजी भी हुई, लेकिन गरीबी बढ़ती गई। गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिला। इसकी वजह यह कि पिछली सरकारें असंवेदनशील थीं। आज संवेदनशील सरकार गांव, गरीब, किसान, बेरोजगार और महिलाओं के लिए सोच रही है। सौभाग्य योजना के तहत 12 लाख को निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए गए। कहा कि पिछली सरकारों ने इमानदारी के साथ योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम नहीं किया।