मीरगंज। स्कूल में मध्यावकाश होने पर मंगलवार को शौच के लिए निकले कक्षा दो के छात्र की तालाब में डूबने से मौत हो गई। विद्यालय में तैनात शिक्षकों को पता नही चल सका। सवाल यह उठता है कि विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था होने के बाद भी बच्चा बाहर क्यों गया। बीएसए ने कहा कि मामला संज्ञान में है। प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला पंवारा थाना क्षेत्र के बामी स्थित कंपोजिट विद्यालय का है। पुलिस ने छात्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से परिजनों का रोकर बुरा हाल है। बामी गांव निवासी शशिकांत तिवारी(7) पुत्र मिथिलेश तिवारी जो कक्षा दो का छात्र था। रोजाना की तरह घर से विद्यालय के लिए निकला। विद्यालय में पहुंचकर पठन-पाठन भी किया। मध्यावकाश होने पर वह विद्यालय से करीब 700 मीटर दूर तालाब में पहुंच गया। बताया जा रहा है वह शौच करने गया था। इस दौरान पैर फिसलने से वह तालाब में डूब गया। मध्याह्न भोजन के बाद छात्र न दिखा तो विद्यालय में तलाश शुरू हुई लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। नहीं दिखाई दिया। छात्र के परिजनों को सूचित किया गया लेकिन वह घर पर भी नहीं मिला। इसके बाद छात्र की खोजबीन की जाने लगी। इसी बीच तालाब के पास छात्र की डूबने से मौत होने की जानकारी हुई।
इसकी सूचना मिलते ही परिजनों समेत आसपास के लोगों में कोहराम मच गया। पंवारा थानाध्यक्ष राज नारायन चौरसिया ने बताया कि छात्र की तालाब में डूबने से मौत हुई है। चाचा विमलेश तिवारी की तहरीर पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्राम प्रधान सरोज के पति शैलेंद्र सिंह ने विद्यालय के शिक्षकों और प्रधानाध्यापक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था है। किसी परिसि्थति में बच्चा स्कूूल के बाहर गया इसकी जांच कराई जाएगी। इस मामले प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।-डॉ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए