कड़ाके की सर्दी से लोगों को निजात मिलती दिखाई नहीं दे रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंच गया। ऐसे में दिनभर गलन और ठिठुरन बढ़ने से लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गए। कोहरे के कारण हाईवे पर चलने वाले वाहनों की गति पर विराम लग गया। सोमवार को पांच ट्रेनें विलंब से चलीं।
जनवरी में ठंड तेज हो गई है। रोजाना मौसम में कुछ न कुछ बदलाव हो रहा है। कभी बरसात की वजह से ठंड बढ़ जाती है तो कभी कोहरा व धूप न निकलने से लोग परेशान हैं। सोमवार को सुबह से ही घना कोहरा छाए रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे और शीतलहर से गलन बढ़ गई। करीब 10 बजे तक कोहरा छाया रहा। लोगों को धूप निकलने की आस जगी थी। सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हुए। कोहरे की वजह से हाईवे पर दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलते दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले कुछ दिनों में कुछ ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि बदलते मौसम में मरीजों को अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना चाहिए। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में बुखार, जुकाम और ब्लड प्रेशर वाले हैं। ऐसे लोग गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। जंक फूड खाने से परहेज करें।
जौनपुर और वाराणसी-प्रतापगढ़ रेलवे रूट स्थित जंघई जंक्शन से गुजरने वाली कई ट्रेनें देरी से चलीं। इसके कारण यात्रियों को स्टेशन पर बैठकर ट्रेनों का घंटों इंतजार करना पड़ा। कुर्ला एलटीटी से गोरखपुर जाने वाली काशी एक्सप्रेस एक घंटा देर से आई। ग्वालियर से बनारस जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस पांच घंटे, दुर्ग से छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस दो घंटे, अमृतसर- हावड़ा पंजाब मेल ढाई घंटे, प्रयागराज से जौनपुर एजे दो घंटे देरी से जंघई जंक्शन पर पहुंची। स्टेशन अधीक्षक कोमल सिंह ने बताया कि कोहरे और ठंड के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल रही हैं।