उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्यों निर्मला सिंह पटेल व इंजीनियर अशोक यादव ने डाक बंगले में जनसुनवाई की। इस दौरान ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों की पढ़ाई को लेकर शिकायत आई, जिस पर सदस्यों ने बच्चों की बेहतर ढंग से पढ़ाई कराने का निर्देश दिया। उनके समक्ष कुल आठ मामले आए, तीन मामले बाल सेवा योजना सामान्य के थे।
दो मामलों में बच्चे पहले से ही योजना का लाभ ले रहे थे। उन्हें बताया गया कि एक परिवार में सिर्फ दो बच्चों को ही लाभ दिया जा सकता है। दो मामले विधवा पेंशन से संबंधित थे। उन्हें बताया गया कि आवश्यक दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन फॉर्म भर सकती हैं। दो मामले ईंट भट्ठों से संबंधित आए। आयोग के सदस्यों ने सभी विभागों की समीक्षा बैठक भी की। महिला कल्याण विभाग से जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय पांडेय द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य एवं कन्या सुमंगला योजना की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया कि बाल सेवा योजना में जनपद प्रदेश में दूसरा व बाल कन्या सुमंगला में पिछले तीन वर्षों में प्रथम पांच स्थान में रहा है। पुलिस विभाग की समीक्षा में क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पुलिस द्वारा बाल विवाह रोकने, पॉक्सो के मामलों में समय पर चार्जशीट दाखिल करने व बच्चों के रेस्क्यू में निरंतर अच्छा काम कर रही है।