जौनपुर। जिले में पहली बार बाल विवाह का मामला सामने आया है। जानकारी होने पर जिला प्रोबेशन विभाग की पहल पर बरसठी थाने में रविवार को दो पुजारियों, माता-पिता समेत छह परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। नाबालिग के भाई के ही तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपी दूल्हा भदोही का निवासी है। नेवढि़या थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने रविवार को बरसठी थाने में तहरीर दी। कहा कि वह मुंबई में किराने की दुकान पर काम करता हैे। 8 दिन पहले ही घर आया है। उसे जानकारी हुई कि उसकी बहन (16) उसने कक्षा छह तक पढ़ाई करके छोड़ दी है। घर आने पर पता चला कि उसकी शादी उसके पिता, मां ने अजीत पाठक(32) निवासी महदेवपुर थाना सुरियावां भदोही से तय कर दी है। उसने शादी का विरोध किया तो माता-पिता व लड़का अजीत पाठक उसे गाली-गलौज देते हुए धमकी दी। 18 मई की सुबह आठ बजे परिजन उसकी बहन को लेकर शादी के लिए मां दुर्गा देवी मंदिर रायपुर बरसठी गए हैं। लड़का अजीत पाठक भी बहन को शादी के लिए बहलाकर जान से मारने की धमकी देकर साथ लेकर गया। उसे इसकी जानकारी हुई तो वो मां दुर्गा देवी मंदिर रायपुर बरसठी पहुंचा तो देखा कि पुजारी राजेश दुबे व काशीनाथ दुबे उसकी नाबालिग बहन की शादी अजीत पाठक से करा रहे हैं। वहां करीब 11.30 बजे मंत्रोच्चारण के बीच सिंदूर डाला गया। भाई ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मामले को को संज्ञान में लेते हुए बरसठी पुलिस ने पिता, मां, आरोपी दूल्हा अजीत पाठक निवासी महदेवपुर सुरियावां भदोही, पुजारी राजेश दुबे, काशीनाथ दुबे व एक अन्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दो वर्ष का है कठोर कारावास :-बाल विवाह करने पर सजा का प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 में दिया गया है। अगर कोई भी बाल विवाह कराता है या संचालन व प्रेरित करता है तो उसे कठोर कारावास, दो वर्ष की सजा व एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसमें कोई महिला आरोपी होती है तो उसे सिर्फ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
नाबालिग से शादी का पहला मामला है। इसमें दो पुजारियों, माता-पिता, आरोपी दूल्हा व एक अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।- विजय कुमार पांडेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी।