जौनपुर। नईगंज स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर महान शासक, आरक्षण के जनक और सामाजिक न्याय के प्रतीक छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती मनाई गई। कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कहा कि छत्रपति शाहू जी महाराज मराठा के भोसले राजवंश के राजा और कोल्हापुर की भारतीय रियासतों के महाराजा थे। वह लोकतांत्रिक और सामाजिक सुधारक रहे। उनका जन्म 26 जून 1874 में हुआ था। उनके बचपन का नाम यशवंत राव था। छत्रपति शाहू ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने राजा होने के बावजूद दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा और उनसे हमेशा निकटता बनाए रखी। उन्होंने गरीब छात्रों के लिए छत्रावास स्थापित किए और बाहरी छात्रों को शरण प्रदान करने के आदेश दिए। ईमानदारी से उनके शासन के दौरान ‘बाल विवाह’ पर प्रतिबंधित लगाया गया था। उन्होंने कानून बनाकर राज्य की एक और पुरानी प्रथा वतनदारी का अंत किया। कोल्हापुर के अंतर्गत प्रशासन के 50 प्रतिशत पदों को पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित कर दिया था। उनके इस सामाजिक न्याय को पीडीए समाज सदैव याद रखेगा। पूर्व जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव ने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज चाहते थे कि समता समानता और बराबरी लाई जाए। उन्होंने गोरखपुर में पीड़ित व्यापारियों से मिलने गए नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय एवं लाल बिहारी यादव पर किए गए हमले की निंदा की। गोष्ठी को हीरालाल विश्वकर्मा, डॉक्टर रामसूरत पटेल, श्रवण जायसवाल, राहुल त्रिपाठी, अशोक यादव आदि ने संबोधित किया।