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नहाय खाय से शुरू होगा छठ महापर्व

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07- ओलन्दगंज के नखास गली में छठ पर्व के आगमन को दऊरी बनाती महिला। - फोटो : JAUNPUR
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नहाय खाय से शुरू होगा छठ महापर्व
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घरों की हुई सफाई, व्रती करेंगे लौकी, चने की दाल, चावल का सेवन
दो नवंबर को अस्ताचलगामी और तीन को उगते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गुरुवार से चार दिवसीय इस कठिन व्रत की शुरुआत नहाय खाय से होगी। व्रती घर और चूल्हा-चौका की सफाई करके लौकी, चने की दाल और चावल खाकर व्रत की शुरुआत करेंगे। शुक्रवार को खरना होगा और शनिवार को अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। अबकी सूर्य के दिन रविवार को सुबह का अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।
छठ महोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। ‘केलवा जे फरेले घवद में, ओपे पर सुगा मंडराय’, ‘कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी चलकत जाय’ और ‘हमहूं अरघिया देबई हे छठी मइया’ जैसे सुमधुर गीत गूंजने लगे हैं। पंडित रजनी कांत द्विवेदी ने बताया कि छठ पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी 31 अक्तूबर गुरुवार से शुरू होगा। समापन तीन नवंबर रविवार को होगा। गुरुवार को शाम 4:45 के बाद भद्रा का योग है। इस क्रम में 31 अक्तूबर को नहाय-खाय, एक नवंबर शुक्रवार को खरना, दो नवंबर, शनिवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। तीन नवंबर रविवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
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नहाय खाय के दिन व्रती लोग अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू का सेवन करते हैं। इस दिन से व्रत संपन्न होने तक बिस्तर पर नहीं सोते हैं। खरना से प्रसाद बनाने के लिए घरों में गेहूं-चावल को शुद्धता से पिसवाया जा रहा है। खरना को पहली नवंबर के दिन व्रती शाम को ही भोजन कतरेंगे। गुड़ की बखीर खाने की परंपरा है। डूबते सूर्य को अर्घ्य खरना के बाद तीसरा मुख्य चरण शनिवार यानी दो नवंबर को सूर्य पष्ठी है। इस दिन परिवार के सभी सदस्य मिलजुल कर प्रसाद बनाते हैं। साथ ही छठ मइया के पारंपरिक गीतों से घर-आंगन गूंजेगा। प्रसाद में मुख्य रूप से ठेकुआ, गन्ना, बड़ा नीवू, चावल के लड्डू, फल आदि शामिल होगा। शाम को सूप में प्रसाद सजाकार व्रती अपने परिवार के साथ नदी के घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। उगते सूर्य को अर्घ्य महापर्व का अंतिम चरण तीन नवंबर यानी रविवार को है। इस दिन व्रतीजन भोर में परिवार के साथ डाला लेकर घाटों पर पहुंचेंगे। घाट पर स्थापित वेदी पर पूजन-अर्चन के बाद जल में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे। भगवान भाष्कर को प्रसाद अर्पित करने के बाद व्रत का पारण करेंगे। त्योहार पूरे परिवार के साथ धूमधाम से मनाया जाता है। इसलिए जो लोग नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में घर से दूर रहते हैं, वह अब छठ पूजा में घर आ रहे हैं।
इनसेट--
सूप और दउरी और फलों की बिक्री बढ़ी
जौनपुर। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा को लेकर बाजार में जगह-जगह सूप और दौरी की बिक्री बढ़ गई है। सूप की बिक्री 50 से 80 रूपये और दउरी 200 से 300 में हुई। पूजा के लिए हर व्रती नई दउरी और सूप की खरीददारी करने में जुटे रहे। छट पूजा को लेकर बाजार में फलों की दुकानें भी सज गई है। जगह-जगह गन्ना की दुकाने भी अभी लगनी शुरू हो गई है।
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डीएम ने छठ पूजा के तैयारियों की समीक्षा
जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में छठ पूजा को सकुशल संपन्न कराने के लिए हो रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि जिन जगहों पर छठ पूजा की जाती है। वहां पर बैरिकेडिंग सहित गोताखोर व नाव की व्यवस्था करा लिया जाए। वहीं ईओ नगर पालिका को साफ-सफाई एवं पेयजल की व्यवस्था कराने,एक्सईएन विद्युत को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने और शहर कोतवाल को महिला पुलिस की डयूटी लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा किअधिकारियों को जो कार्य सौपे गये हैं। उसको पूरी जिम्मेदारी व गम्भीरता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा, एडीएम वित्त व राजस्व राम प्रकाश, सीआरओ डा. सुनील वर्मा,डीडीओ दयाराम, डीएसटीओ रामदरश यादव आदि जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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