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Jaunpur News: पूर्व सांसद धनंजय और पूर्व विधायक ललई पर आरोप तय, कुंवर हरिवंश सिंह गवाही के लिए तलब

Sat, 28 May 2022 11:24 AM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जौनपुर

सार

 खुटहन उपद्रव के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व विधायक शैलेंद्र यादव ललई और अन्य आरोपियों के खिलाफ लूट हत्या के प्रयास, आगजनी व अन्य धाराओं में कोर्ट ने आरोप तय किया। 
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धनंजय सिंह - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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एमपी-एमएलए कोर्ट ने 6 नवंबर 2017 के खुटहन उपद्रव के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व विधायक शैलेंद्र यादव ललई और अन्य आरोपियों के खिलाफ लूट हत्या के प्रयास, आगजनी व अन्य धाराओं में आरोप तय किया। सरकारी वकील लाल बहादुर पाल के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह को गवाही के लिए 7 जून को तलब किया है।

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प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने पूर्व विधायक शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बृजेश सिंह प्रिंसू समेत 35 के खिलाफ 6 नवंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक ब्लाक प्रमुख सरजू देवी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर 6 नवंबर 2017 को दिन के 11 बजे खुटहन ब्लॉक परिसर में चर्चा होनी थी। वह अपनी बहू नीलम के साथ खुटहन ब्लॉक पर जा रहे थे।

वह जौकाबाद गांव पहुंचे थे, तभी आरोपी सैकड़ों लोगों के साथ गाड़ी के सामने आ गए। पूर्व विधायक शैलेंद्र यादव ललई के कहने पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बृजेश सिंह प्रिंसू व नवीन सिंह ने जान से मारने के लिए फायरिंग की। इस पर वह गाड़ी में छिप गए। आरोपियों ने गाड़ी तोड़ दी। किसी तरह से वह दूसरी गाड़ी से भागे। उस गाड़ी पर भी फायरिंग की गई। पहली गाड़ी जलाकर नष्ट कर दी गई।
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अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। खुटहन ब्लाक के क्षेत्र पंचायत सदस्यों को गाडि़यों से बाहर खींचने लगे, ताकि वे मतदान स्थल पर न पहुंच सके। कुछ महिला क्षेत्र पंचायत सदस्यों की चेन व बालियां भी लूट ली गई। इसमें कई लोगों को गंभीर चोट आई। हालांकि पूर्व सांसद धनंजय व अन्य आरोपियों का कहना था कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस तरह की कोई घटना ही नहीं हुई है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी का आरोप मुक्ति प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया था।

पूर्व सांसद उमाकांत यादव ने बचाव के लिए कोर्ट में दिया प्रार्थनापत्र

पूर्व सांसद उमाकांत यादव - फोटो : अमर उजाला
चार फरवरी 1995 के जीआरपी सिपाही हत्याकांड में पूर्व सांसद उमाकांत यादव ने अपने बचाव के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करने का प्रार्थनापत्र एमपी एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को दिया। कोर्ट ने इसके लिए छह जून की तिथि तय की है। सरकारी वकील लाल बहादुर पाल ने बताया कि वादी पक्ष की गवाही हो चुकी है। मुकदमे की मानीटरिंग सीबीसीआईडी द्वारा की जा रही है।

जीआरपी सिपाही रघुनाथ सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 4 फरवरी 1995 को दोपहर दो बजे राइफल, पिस्टल, रिवाल्वर से फायरिंग करते हुए आरोपी पुलिस लॉकअप में बंद चालक राजकुमार यादव को छुड़ा ले गए थे। गोलीकांड में सिपाही अजय सिंह, लल्लन सिंह तथा एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई थी।
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इस मामले में पूर्व सांसद उमाकांत यादव, राजकुमार यादव, धर्मराज यादव, महेंद्र, सूबेदार, बच्चू लाल समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। इसके बाद पत्रावली एमपी एमएलए कोर्ट इलाहाबाद चली गई। फिर उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर पत्रावली दीवानी न्यायालय में स्थानांतरित हुई और यहां के एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
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