केराकत। केराकत थाने में साल 2015 में दर्ज धोखाधड़ी और सरकारी सील तोड़ने के मामले में 11 साल बाद भी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल नहीं हो सका है। पीड़ित इंद्रसेन सिंह ने पुलिस अधिकारियों के आदेश के बावजूद विवेचना में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष विवेचना और आवश्यक धाराओं की बढ़ोतरी के लिए एडीजी वाराणसी जोन और डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अब सीएम को प्रार्थना पत्र भेजा है। इंद्रसेन सिंह ने बताया कि उनकी तहरीर पर जनवरी 2015 में झूला फैक्ट्री नाऊपुर के संबंध में केराकत थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेकिन अभी तक न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया। मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने मामले की पूरी केस डायरी तलब कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। वर्तमान विवेचक को हटाकर किसी अन्य निरीक्षक स्तर के अधिकारी से विवेचना कराने और अपर पुलिस अधीक्षक नगर अथवा क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से पर्यवेक्षण कराने का अनुरोध किया है। पीड़ित ने कहा कि साल 2015 में दर्ज मुकदमे में अब तक आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल नहीं होना न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर देरी है।