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बहनों ने की भाई के दीर्घायु की कामना

Wed, 02 Nov 2016 12:59 AM IST
jaunpur
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जागेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पूजन करतीं महिलाएं।
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भाई बहन के अटूट रिश्ते का पर्व भैया दूज मंगलवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर दीर्घायु होने की कामना किया। यम द्वितिया पर मनाया जाने वाला भाई बहन के स्नेह इस पर्व पर खुशी का माहौल रहा। सुबह से घर-घर में चौक बनाकर उसमें भटकइया, सुपाड़ी सहित अन्य सामग्री के साथ मूसल से सुपाड़ी फोड़कर यम देवता का पूजन किया गया।
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 पौराणिक कथाओं के अनुसार एक भाई बहन में बड़ा प्रेम था। उसके बहनोई ने उसे संपत्ति की लालच में फंसा दिया। उसे जज ने फ ांसी की सजा सुनायी। जज ने पूछा कि तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है तो जवाब दिया कि मैं अपनी बहन से भैया दूज का टीका लगवाना चाहता हूं। बहनोई सब कुछ जानता था। उसने कुचक्र रचकर उसे जाने से मना करवा दिया। इस पर उसने मन ही मन भगवान की पूजा की जिस पर भगवान प्रकट हुए और उसे कुत्ते का रूप दे दिए।

वह नाली के रास्ते अपनी बहन के पास पहुंचा तो देखा उसकी बहन सिल पर रोचना पीस रही थी। वह उसे चाटने लगा। इतने में बहन ने उसे हाथ से मारा तो वह हाथ उसके मत्थे पर लग गया और वह अमर हो गया। फि र वह उसी रास्ते जेल में पहुंचा। फि र क्या था। उसकी सजा माफ  हो गयी और बदले में बहनोई को जेल हो गयी। तभी से भाई बहन के इस प्रतीक     पर्व को भैया दूज के रूप में जाना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन बहन के घर भोजन करने के उपरांत विश्राम करके स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
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इस पर्व पर टीके के उपरान्त बहन जहां भाई के लंबी उम्र की कामना करती है, वहीं भाई भी अपनी बहनों की रक्षा का वचन देने के साथ उपहार भी देते हैं।
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