जौनपुर। सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के रामखेलावन चौरसिया के प्रार्थना पत्र एवं कोर्ट के आदेश पर थाना लाइन बाजार में एआरटीओ ऑफिस के बाबू समेत तीन आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी व गबन का मुकदमा दर्ज हुआ है। जब पुलिस द्वारा एफआईआर की कॉपी सीजेएम कोर्ट में दाखिल की गई तब एआरटीओ कार्यालय में हो रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
वादी रामखेलावन ने कोर्ट में दरखास्त दिया था कि उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी की देखभाल उसका भतीजा बृजेश कुमार करता था। 15 नवंबर 2018 को जब उसने भतीजे से गाड़ी के बारे में पूछा तो कहा कि गाड़ी नीरज लेकर इलाहाबाद गया है। 20 नवंबर 2018 को नीरज के वापस आने पर पूछा तो उसने कहा कि वह गाड़ी लेकर नहीं गया था। दोबारा बृजेश से पूछने पर कहा कि मैंने गाड़ी बेच दिया है जो करना हो करो। 22 नवंबर 2018 को एआरटीओ ऑफिस जाकर पता किया तो पता चला बृजेश ने वादी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एआरटीओ ऑफिस के बाबू की मिली भगत से गाड़ी अपने नाम करा कर 15 नवंबर 2018 को प्रेम प्रकाश चौबे निवासी बदलापुर को भेज दिया। 18 नवंबर 2018 8 को आरसी भी जारी हो गया। एआरटीओ में वादी ने दरखास्थ दिया कि पुन: गाड़ी उसके नाम की जाए। ऑफिस से बाहर निकलते ही आरोपितों ने उसे गालियां और जान से मारने की धमकी दी। थाना लाइन बाजार व पुलिस अधीक्षक को दरखास्त देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने गंभीर मामला पाते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर लाइन बाजार थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।