अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी जमीन हड़पने के मामले में पुलिस ने माफिया मुख्तार अंसारी की बहन फहमीदा अंसारी और मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद के तत्कालीन चेयरमैन शमीम अहमद पर मुकदमा दर्ज किया है। मुहम्मदाबाद के ईओ की तहरीर पर 11 अगस्त को यह कार्रवाई की गई है। मुहम्मदाबाद एसडीएम को शिकायती पत्र के माध्यम से पता चला कि वार्ड नंबर छह काजीटोला स्थित सरकारी भूमि तालाब के रूप थी। अभिलेखों में हेरफेर कर इसे नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद की गृह सूची में दर्ज कराकर लोगों को बैनामा कर दिया गया। एसडीएम ने पांच अगस्त को अधिशासी अधिकारी मुहम्मदाबाद को क्षेत्रीय लेखपाल के सहयोग से जांच का आदेश दिया। टैक्स असेसमेंट रजिस्टर की जांच में पता चला कि बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के गलत तरीके से यह जमीन रहमतुन निशा के नाम इंद्राज कर दिया गया। रहमतुन निशा ने इसे पावर ऑफ अटार्नी के जरिये अपनी बहू फहमीदा पत्नी एजाजुल हक अंसारी को दिया था। फहमीदा ने यह जमीन 14 व्यक्तियों को बेच दी। जांच में पता चला कि तत्कालीन अधिशासी अधिकारी गुलाब राय, तत्कालीन टैक्स असेसमेंट रजिस्टर के प्रभारी लिपिक मुहम्मद हासिम, तत्कालीन नगर पालिका चेयरमैन शमीम अहमद, रहमतुन निशा और फहमीदा अंसारी इसके लिए जिम्मेदार है। गुलाब राय, मुहम्मद हासिम और रहमतुन निशा की मृत्यु हो चुकी है। नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद के ईओ वीरेंद्र कुमार राव ने तत्कालीन चेयरमैन शमीम अहमद और मुख्तार अंसारी की बहन फहमीदा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी हुई है।
वर्ष 2002 में नगर पालिका के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करके सरकारी भूमि माफिया मुख्तार अंसारी की बहन की सास के नाम दर्ज कर दिया गया था। इसके बाद मुख्तार की बहन ने यह जमीन बेच दी। मुहम्मदाबाद ईओ ने तत्कालीन चेयरमैन और मुख्तार की बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जल्द कार्रवाई होगी। - ओमवीर सिंह, एसपी।