चीन के साथ तल्ख होते रिश्तों का असर व्यापार पर भी दिखने लगा है। एक तरफ चीन निर्मित सामानों के बहिष्कार की मांग उठ रही है तो व्यापारी भी खुद वहां से सामान मंगाने से परहेज कर रहे हैं। जौनपुर जिले के कुछ उद्यमियों ने इसकी शुरुआत कर दी है। किसी ने चीन से मशीन का आर्डर कैंसिल किया है तो किसी ने वहां से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान की सप्लाई लेने से इनकार कर दिया है।
मुंबई में उद्योग चलाने वाले अशोक सिंह ने चीन से करीब सवा करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक आईसी (इंटीग्रेटेड सर्किट) का आर्डर दिया था। अब उन्होंने इसे कैंसिल कर दिया है। उनका कहना है कि चीन से ही कोरोना का संक्रमण फैला है। इसके बाद से ही वहां से व्यापार न करने का निर्णय कर लिया था। मार्च से पहले 1.25 करोड़ की आईसी का आर्डर दिया था, लेकिन उसे एजेंट के माध्यम से कैंसिल करा दिया।
अब भारत या अन्य देश मे उसका विकल्प देख रहे हैं। फिलहाल कारोबार मंदा होने से इसकी तत्काल जरूरत भी नहीं हैं। सतहरिया औद्योगिक क्षेत्र के आईआईए के अध्यक्ष बृजेश यादव का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के कई उद्यमी विदेशों से आयात-निर्यात का काम करते हैं।
उनका सीधा कारोबार चीन से तो नहीं है, मगर परोक्ष रूप से ही सही, अब वहां का कोई भी समान न मंगाने की कोशिश की जा रही है। कुछ उद्यमियों ने मशीन के आर्डर दिए थे, जिसे उन्होंने कैंसिल कर दिया है। भविष्य में भी इसका ध्यान रखा जाएगा कि हम चीन को किसी तरह से व्यापारिक लाभ न पहुंचा सकें।