रामनगर। विकास खंड के बासापुर मेला मैदान में रविवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि प्रांत संयोजक नागेंद्र ने कहा कि हिंदू समाज को कमजोर करने के लिए स्वार्थवश जातिगत विभाजन कराया गया है। जब हिंदू समाज संगठित होकर खड़ा होता है तब भारत पुनः सोने की चिड़िया बनता है। उन्होंने समाज से जातिगत भेदभाव छोड़कर आपसी भाईचारा, समरसता और एकजुटता बढ़ाने का आह्वान किया। पर्व-त्योहार मिल-जुलकर मनाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। कहा कि सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। सनातन हमारी प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हमारे महापुरुषों ने कभी अपने नाम के साथ जाति नहीं जोड़ी। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ही हमारी सबसे बड़ी पहचान है। विशिष्ट अतिथि शाक्तपीठाधीश्वर भानपुर दंडी स्वामी प्रकृष्टानंद सरस्वती रहे। चिकित्सक डॉ. आलोक सिंह ने समर्थ हिंदू समृद्ध भारत के संकल्प के साथ स्वदेशी अपनाने, सामाजिक समरसता बनाए रखने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की। घनश्याम दुबे, सूर्यभान सिंह, शिवशंकर सिंह, श्यामलाल यादव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन ओमकारनाथ तिवारी ने किया। मौके पर रामनगर खंड कार्यवाहक अजीत सिंह पटेल, विपिन सिंह, सिंटू मिश्रा, राजेश दुबे, मनीष सिंह, मुन्ना दुबे, महेश पाल आदि रहे।