जौनपुर। बच्चों को स्कूल जाने या घर लौटने में एक घंटे से ज्यादा का समय नहीं लगना चाहिए। इसके लिए परिवहन विभाग ने स्कूली बसों का दायरा 20 किलोमीटर में सीमित कर दिया है। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर एरिया परमिट जारी कर रहा है। अब तक 10 विद्यालय संचालकों ने इसके लिए आवेदन किया है।
बच्चों को स्कूल पहुंचने में एक से अधिक घंटे का समय लगता है। कहीं-कहीं स्कूल जाते और आते समय बच्चे दो-दो घंटे तक बस में ही घूमते रहते हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में इतनी देर तक बस में रहना थका देने वाला होता है। बच्चों की सेहत के लिए भी यह नुकसानदायक है। इसको देखते हुए वाराणसी में हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में स्कूल वाहनों को एरिया परमिट देने का निर्णय किया गया था। तय किया गया था कि एक घंटे से ज्यादा समय तक बसों में बच्चों को नहीं रहना चाहिए।
दूरी और समय का अनुमान लगाने के बाद परिवहन विभाग ने तय कर दिया है कि स्कूली बसें 20 किलोमीटर के दायरे में ही रहेंगी। उनको इसी सीमा में एरिया परमिट दिया जाएगा। बसों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र आदि की व्यवस्था करनी होगी। स्कूल संचालकों को दो महीने के भीतर एरिया परमिट लेने को कहा गया है। अब तक महज 10 स्कूलों ने इसके लिए आवेदन किया है।
क्या कहता है नियम
एआरटीओ एसपी सिंह ने बताया है कि नई गाइडलाइन के मुताबिक एक घंटे में बच्चों को स्कूल लाना और ले जाना होगा। बसों को 20 किलोमीटर के दायर में संचालित करने क लिए परमिट दिया जाएगा। इसका उल्लंघन करने 20 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। बसों में दो इमरजेंसी गेट होना जरूरी है, स्कूली वाहनों का पंजीकरण और चालक के पास पांच वर्ष पुराना ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। चालक की क्राइम हिस्ट्री की पुलिस से जांच कराई जाएगी। सुरक्षा के लिए बस में अनुभवी पुरुष और महिला सहायक भी रखना होगा। कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड, अग्नि शमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस सिस्टम लगवाना जरूरी है।