बक्शा/सिकरारा। बक्शा थाना क्षेत्र के फतेहगंज बाजार में जौनपुर-रायबरेली हाईवे से महज 100 मीटर की दूरी पर शनिवार की शाम करीब छह बजे एक सराफा कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने कारोबारी का आभूषणों से भरा बैग भी लूट लिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। मौके पर एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया। हालांकि रात आठ बजे शव घर पर ही रखकर परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
फतेहगंज बाजार निवासी उमेश सेठ (42) रोज की तरह शनिवार की शाम करीब छह बजे दुकान बंद करके पैदल ही घर जा रहे थे। करीब 300 मीटर वहां से घर है। दुकान से करीब 150 मीटर यानी हाईवे से थोड़ी ही दूर पहुंचे थे कि पीछे से यानी फतेहगंज बाजार की तरफ से बाइक सवार तीन बदमाश पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किए। जब उमेश ने विरोध किया तो बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग करके गंभीर रूप से घायल कर दिया और आभूषण से भरा बैग लेकर फरार हो गए। आसपास के लोग पास के अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जुट गई और लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए जौनपुर-रायबरेली हाईवे जाम कर दिया। जानकारी मिलने पर पहुंचे एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने लोगों को समझाया और ठोस कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। परिवार के लोग जाम तो हटा लिए लेकिन घर के बरामदे में शव रखकर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उमेश के भाई सतीश ने कहा कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी तब तक हम लोग शव नहीं ले जाने देंगे।
सुरेश की मौत, गिरीश पर हमले में लीपापोती की देन तो नहीं है हत्या
बक्शा। 40 वर्षीय उमेश सेठ की गोली मारकर हत्या और आभूषण से भरे बैग की लूट पुलिस भले ही लूट के इरादे से हत्या मान रही हो, लेकिन परिवार के लोग इसमें पुलिस की लापरवाही और पूर्व में हुई घटनाओं में लीपापोती को मानते हैं। करीब तीन साल पहले ही उमेश के एक भाई की संदिग्ध हाल में शव मिला था। उन्हें चोट भी लगी थी। करीब सात साल पहले एक और भाई को गोली मारी गई थी, हालांकि उनकी जान बच गई।
घटना के बाद फतेहगंज बाजार में जुटी भीड़ के बीच उमेश के परिजन चिल्ला चिल्ला कर कह रहे थे कि पहले हुई घटनाओं में लीपापोती, आरोपियों पर कोई कार्रवाई न होने की वजह से ही आज इस तरह की घटना हुई। परिवार के लोगों ने बताया कि उमेश छह भाइयों में तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़े सतीश, गिरीश तब उमेश थे। उसके बाद सुरेश, महेश और निलेश हैं। इसमें तीन साल पहले यानी 14 नवंबर 2020 को सुरेश सेठ का शव ईंट भट्ठा के पास मिला था। परिवार का दावा है कि उनके शरीर में चोट के निशान भी थे। बावजूद इसके पुलिस कुछ नहीं की। कोई जांच, पड़ताल या कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह करीब सात साल पहले उमेश के भाई गिरीश को भी गोली मारी गई थी। वह घायल हुए थे। उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
10 किमी दूर है थाना, बाजार में नहीं है कोई चौकी
बक्शा। जिस स्थान पर गोली मारकर सराफा व्यवसायी की हत्या की गई है उस स्थान से करीब 10 किमी की दूरी पर थाना है। बड़ी बात तो यह है कि हाईवे का बाजार। रातभर आवागमन लेकिन एक पुलिस चौकी तक नहीं है। दिन में बैंक के गार्ड और कुछ और पुलिस की तैनाती तो रहती है, लेकिन कोई स्थाई पुलिस बूथ न होने से हमेशा पुलिस नहीं रहती। इस वजह से इलाके में अपराध होने पर आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर हो जाता है।
उठ गया दो बच्चों के सिर से पिता का साया, परिजनों में मातम
बक्शा। फतेजगंज बाजार में गोली मारकर की गई सराफा व्यवसायी की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद दो पुत्रों के सिर से पिता का साया उठ गया। उमेश सेठ को एक पुत्र और एक पुत्री है। पुत्र हरिओम (16) और पुत्री प्रिंसी (18) है। घटना के बाद पत्नी वंदना, पिता छोटेलाल और माता जड़ावती का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार की शाम करीब सात बजे जब घटनास्थल पर एसपी पहुंचे तो उनके सामने ही परिवार के लोग रो रहे थे। पुत्र हरिओम को रोते देख एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा की आखें भी छलछला गईं। वह हरिओम को गले लगा लिए। रात करीब आठ बजे पूर्व सांसद धनंजय सिंह और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशु भी घटनास्थल पर पहुंचे।
बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए सात टीमों का गठन
बक्शा। गोली मारकर हुई सराफा व्यवसायी की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सात टीमों का गठन किया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
घटना के बाद आस पास के लोगों से पुलिस ने जानकारी ली। पता चला कि तीन बदमाश मुंह बांधे हुए एक बाइक से थे। तीनों फतेहगंज बाजार की तरफ से गए और बैग छीनने लगे। उनसे उमेश पहले हाथापाई किए। इसी दौरान बदमाशों ने गोली मार दी। उमेश के पैर, सिर और पेट के पास गोली लगी। मौके से दो खोखा भी बरामद किया गया। बताया गया कि दो बदमाश हाथ में असलहा लिए थे। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश लखौवां गांव की तरफ भागे। जानकारी लेने के बाद पुलिस ने थोड़ी दूरी पर स्थित शराब के ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के अनावरण के लिए कुल सात टीमें बनायी गई हैं।
छावनी में तब्दील हुआ बाजार, पहुंची कई थानों की पुलिस
घटना के बाद फतेहगंज बाजार छावनी में तब्दील हो गया। मौके पर बक्शा, सिकरारा, मुंगराबादशाहपुर, मछलीशहर, लाइनबाजार थाने की पुलिस, वहां के एसओ, सीओ मछलीशहर, एसपी, एएसपी आदि पहुंचे।