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बसपा ने प्रत्याशी पर फोड़ा हार का ठिकरा, पार्टी से किया निष्कासित

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जयप्रकाश दुबे, बसपा प्रत्याशी। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। मल्हनी विधानसभा के उपचुनाव में मिली हार की समीक्षा के बाद कार्रवाई भी शुरू हो गई है। बसपा ने इस हार का ठीकरा प्रत्याशी पर फोड़ते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आरोप है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी निष्क्रिय रहे। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए मनमानी की। इसके चलते पार्टी को बेस वोट भी नहीं मिल सके।
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मल्हनी (रारी) में बसपा को वर्ष 2009 के उपचुनाव में बसपा के राजदेव सिंह निर्वाचित हुए थे। उन्हें 75 हजार से अधिक वोट मिले। वर्ष 2012 बसपा से पाणिनी सिंह ने 45841 वोट प्राप्त किए थे। वर्ष 2017 के चुनाव में प्रमोद यादव को 46011 वोट मिले। इस बार बसपा ने जयप्रकाश दुबे के रूप में ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाया था। उम्मीद थी कि पार्टी के पारंपरिक वोट के साथ ब्राह्मण मतदाताओं के आने पर मल्हनी में जीत सुनिश्चित हो जाएगी। इसके उलट उपचुनाव में बसपा को सिर्फ 25180 वोट ही मिले। प्रत्याशी को जमानत भी गंवानी पड़ी। 22 बूथ ऐसे रहे, जहां बसपा का खाता भी नहीं खुल सका। पचास से भी अधिक बूथों पर दहाई का आंकड़ा भी पार्टी नहीं छू सकी। पार्टी नेतृत्व ने समीक्षा में हार के लिए प्रत्याशी को जिम्मेदार पाया। वाराणसी मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी अमरजीत गौतम का कहना हैै कि उपचुनाव को प्रत्याशी ने गंभीरता से नहीं लिया। संगठन के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की। पदाधिकारियों के समझाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं किया। मनमाने ढंग से कार्य करते रहे। चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की झूठी संख्या बताई। कार्यक्रमों में भी कोई ब्राह्मण नेता नहीं पहुंचता था। कई गांवों में प्रत्याशी ने जनसंपर्क तक नहीं किया। मल्हनी में पार्टी को हमेशा से 45-50 हजार वोट मिलते रहे हैं, लेकिन प्रत्याशी की निष्क्रियता से यह आधे हो गए। समीक्षा के बाद पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर जयप्रकाश दुबे को निष्कासित कर दिया गया है।
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