फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएससी के छात्र ने गोली मारकर दी जान

विज्ञापन
22- पीली कोठी के पास युवक की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल व मोबाईल। - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के एआरटीओ कार्यालय के समीप मंगलवार की रात बीएससी के एक छात्र ने पिस्टल से गोली मारकर जान दे दी। घर से करीब दो किलोमीटर दूर वन निगम के लकड़ी गोदाम के पास उसका खून से लथपथ शव मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत का कारण अवसाद बताया जा रहा है। आत्महत्या से पहले उसने अपने भाई के मोबाइल फोन पर मैसेज भी भेजा था।
विज्ञापन

केराकत कोतवाली क्षेत्र के पूरनपुर गांव निवासी जयहिंद दीक्षित सिकरारा क्षेत्र के हरखपुर स्कूल में शिक्षक हैं। वह अपने पूरे परिवार के साथ महिला थाने के निकट भगौती कालोनी में किराए के मकान में रहते हैं। जयहिंद का बेटा उत्कर्ष दीक्षित (22) शिव महाविद्यालय गाजीपुर में बीएससी का छात्र था। इस साल उसने बीएससी दूसरे वर्ष की परीक्षा दी थी। मंगलवार की शाम करीब साढ़े आठ बजे वह घर के लिए सामान बाजार से लेकर आया। सामान घर में रखने के बाद किसी दोस्त से मिलने की बात कहकर बाहर चला गया। घर आने में देर होने लगी तो भाई ने फोन कर घर जल्दी आने को कहा। उसके बाद पिता फोन मिलाते रहे लेकिन उसने फोन रिसीव करना बंद कर दिया। सुबह बड़े भाई के मोबाइल पर मैसेज देखा, जिसमें आत्महत्या करने की बात लिखी थी। उसके बाद परिजन एआरटीओ कार्यालय के पास वन निगम के लकड़ी गोदाम पर पहुंचे। वहां खून से लथपथ उत्कर्ष का शव पड़ा हुआ था। उसकी दाईं कनपटी में गोली लगी थी । पास में मोबाइल फोन और 32 बोर की देशी पिस्टल पड़ी थी। सूचना पर डायल 112 पुलिस, लाइनबाजार थानाध्यक्ष दिनेश प्रकाश पांडेय, सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह पहुंच गए। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह का कहना है कि युवक ने खुद को गोली मार ली है। उसने खुद को गोली मारने से पहले अपने भाई को मैसेज भी किया है। अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
मम्मी-पापा को मैंने परेशान, भइया तुम ख्याल रखना...
जौनपुर। आत्महत्या से पहले उत्कर्ष ने अपने मोबाइल से बड़े भाई को मैसेज भेजा था। इसमें उसने आत्महत्या करने का उल्लेख किया था। भाई को भेजे मैैसेज में उत्कर्ष ने लिखा था कि मैंने मम्मी-पापा को बहुत परेशान किया है। भइया आप उनका ख्याल रखना। अब मैं आप लोगों से बहुत दूर जा रहा हूं। एआरटीओ कार्यालय के निकट वन निगम की लकड़ी गोदाम के पास अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं। सुबह यहीं मिलूंगा। यह मैसेज मिलते ही परिवार के लोग सन्न हो गए। पिता जयहिंद दीक्षित ने बताया कि उत्कर्ष ने बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा दी थी। परीक्षा में कुछ पेपर खराब होने के कारण वह अवसाद में था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें