डीएम ने मछलीशहर तहसील के दो ब्लाॅकों में प्राथमिक विद्यालय की प्रबंध शिक्षा समितियों के चयन की जांच बीएसए को सौंपी है। प्रबंध समिति के चयन में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है।
मछलीशहर और सुजानगंज ब्लाॅक में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था संचालित करने के लिए प्रबंध शिक्षा समिति का गठन किया जाना था। इसका गठन 30 नवंबर तक हो चुका है। आरोप है कि अधिकारी नियुक्त कर गांव में डुगडुगी पिटवाई जाती है और सबको बुलवाकर चुनाव किया जाता है लेकिन प्रधानाध्यापकों ने विभाग को विश्वास में लिए बिना ही समितियों का चुनाव कर लिया। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। मछलीशहर विकास खंड के वारी प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापक ने मनमाने तरीके से प्रबंध समिति का चुनाव कर लिया था। जब इसकी जानकारी ग्राम प्रधान कमलेश मिश्रा को हुई तो उन्होंने बीएसए से इसकी शिकायत की। चुनाव फिर से कराने की मांग की है। उधर, सुजानगंज ब्लाॅक के कपूरपुर गांव में बिना सूचना के चुनाव कराने के बाद अखिलेश तिवारी के प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी ने बीएसए को जांच का निर्देश दिया। खंड शिक्षा अधिकारी अमरदीप जायसवाल ने बताया कि हमें मामले की जानकारी नहीं है। वारी गांव के प्रधान कमलेश मिश्रा ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी उनसे फिर से चुनाव कराने के लिए कहे हैं, लेकिन अब वह बात नहीं कर रहे हैं। बीएसए डाॅ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि यदि बिना प्रक्रिया के चुनाव हुआ है तो जांच कर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कारवाई की जाएगी।