नोटबंदी के बाद से बैंकों में उत्पन्न नकदी का संकट खत्म होने के बजाय गहराता जा रहा है। कई-कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी भुगतान न होने से लोगों का गुस्सा शुक्रवार को भ्ाी फूट पड़ा। बरसठी और मड़ियाहूं में लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया और बैंक अधिकारियों और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
नौपेड़वा, खुटहन, शाहगंज, केराकत, मुफ्तीगंज में भी लोगों ने हल्ला मचाया। नारेबाजी की। बरसठी प्रतिनिधि के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी कैश न मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बैंक के सामने ही सड़क पर साइकल और बाइक खड़ी कर जमालापुर-बधवा मार्ग जाम कर दिया।
पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर घंटे भर बाद जाम समाप्त करवाया। लोगों का कहना था कि घर में जो हजार और पांच सौ के नोट थे उसे बैंक में जमा करवा लिया गया। अब जरूरत है तो भुगतान ही नहीं मिल रहा।
न तो एटीएम में पैसे हैं और न तो बैंक में। अच्छेलाल पटेल ने आरोप लगाया कि शहर की बैंक शाखाओं में पैसे भेजे जा रहे हैं जबकि गांव की बैंकों में पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। किसान और गरीब मजदूरों को परेशान करने की साजिश हो रही है।
शाखा प्रबंधक अशोक कुमार कन्नौजिया का कहना है कि उन्हें ऊुपर से कैश ही नहीं मिल रहा तो भुगतान कैसे करें। गुरुवार को चार लाख आया था दो सौ लोगो को दो दो हजार बांट दिया गया जबकि बैंक पर सैकड़ों लोग लाइन में लगे थे।
मड़ियाहूं प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई की स्थानीय शाखा पर शुक्रवार को भोर में पांच बजे से ही लोग बैंक के सामने आकर लाइन में खड़े हो गए थे। दोपहर तक लोगों को भुगतान नहीं मिला तो लोगों ने बैंक पर नारेबाजी शुरू कर दी। बैंक अधिकारियों और सरकार के खिलाफ नारा लगाते लोग चौराहे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दिया।
पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर हटाया तो कुछ देर लोग शांत रहे फिर सड़क पर आ गए। कई चक्र में पुलिस लोगों को हटाती रही और लोग आकर सड़क पर जाम लगाते रहे। जाम लगाने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं।