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Jaunpur News: टूटी खिड़कियां, बुझी फॉग लाइट, फर्स्ट एड बॉक्स खुद बीमार

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शाहगंज डिपों में खड़ी बसों की खराब पड़ी फॉग लाइटें। संवाद
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शाहगंज। ठंड का मौसम शुरू हो चुका है। लेकिन, रोडवेज डिपो की ज्यादातर बसों में ठंड के मद्देनजर बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है।रोडवेज बसों की पड़ताल में रविवार को बसों में टूटी खिड़कियां, बंद फॉग लाइट और फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नाकाफी दिखीं। इससे ठंड में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। शाहगंज रोडवेज में कुल 52 बसें हैं। प्रतिदिन यहां से करीब छह लाख रुपये का राजस्व मिलता है। बावजूद इसके यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा से जुड़े बुनियादी इंतजाम लचर हैं। कई बसों में खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। प्रयागराज-शाहगंज रूट पर चलने वाली बस में खिड़की का कांच टूटकर गिर चुका है। प्रयागराज, कानपुर समेत कई रूटों की बसों में फॉग लाइटें या तो लगी ही नहीं हैं, या खराब हैं। इससे शाम और धुंध के दौरान हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इससे बस चालकों को वाहन चलाने में समस्या होती है। यात्रियों के लिए भी जोखिम बढ़ गया है। बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स भी खाली पाए गए। यात्रा के दौरान यात्री अस्वस्थ हो जाएं तो तत्काल इलाज के लिए जरूरी दवाएं भी इनमें उपलब्ध नहीं हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने करीब दो बजे प्रयागराज जाने वाली बस की पड़ताल की तो खिड़की के शीशे कई जगह से टूटे मिले। इस दौरान कई यात्री भी बैठे थे। यात्री ज्ञानचंद्र ने बताया कि उनके आसपास के खिड़कियाें के कई शीशे टूटे हैं। सर्द हवाएं झेलनी पड़ रहीं हैं। टीम ने चालक आनंद तिवारी ने बात की तो उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। टूटी खिड़की का शीशा दो दिनों में लगवा दिया जाएगा। प्रयागराज जाने वाली एक अन्य बस की पड़ताल की गई तो उसके फर्स्ट एंड बॉक्स में दवाएं उपलब्ध नहीं थी। पड़ताल में पता चला कि अधिकतर बसों में बाक्स तो हैं लेकिन उसमें दवाएं नहीं हैं। बुजुर्ग यात्री राम बुझारत यादव ने बताया कि सरकारी बस में इस तरह की लापरवाही हो रही है अगर बीच रास्ते में किसी की तबीयत खराब हो जाए तो अनहोनी हो सकती है। बस चालक शैलेंद्र यादव ने बताया कि बस में फर्स्ट एड बॉक्स की दवाएं नहीं हैं, उन्हें जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। शाहगंज से लखनऊ जाने वाली बस की पड़ताल में बस की फॉग लाइट खराब मिली। चालक विकास बिंद ने बताया कि बस की फॉग लाइट खराब है, जिसे बनवाने की प्रक्रिया चल रही है। आजमगढ़ से दिल्ली जाने वाली बस में भी फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं थी और फॉग लाइट भी खराब मिली। चालक गुलाब ने स्वीकार किया कि यात्रियों की तबीयत बिगड़ने पर काम आने वाली दवाएं वर्तमान में बस में नहीं हैं। फॉग लाइट भी खराब है, जिसे जल्द ठीक कराया जाएगा।
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