निगोह। बरसठी के बबुरी गांव स्थित बसुही नदी पर बना पुल जर्जर हो गया है। तीन वर्ष पहले पीपा टूटने के बाद से पुल की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके बाद ग्रामीण पुल पर बांस और बल्ली के सहारे आ जा रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिला प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं देने के कारण बबुरी गांव में बना पुल तीन वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। पुल बबुरी गांव की दो बस्तियों के बीच स्थित है। बबुरी गांव की आबादी छह हजार है। आस-पास के गांव के लोग भी बबुरी व इस पार आने के लिए पुल का उपयोग करते हैं। पुल के एक ओर से नटावीर, पहलवान वीर बाबा का मंदिर है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर हर साल इस मंदिर पर भव्य आयोजन होता है। ग्रामीणों की मानें तो पुल से कम से कम रोजाना सात से आठ हजार लोगों का आवागमन होता है। आए दिन बांस बल्ली के कारण पशु और छोटे बच्चे नदी में गिरते हैं।
हमलोग जन्माष्टमी के समय वहां हरिकीर्तन का पाठ करते हैं। मंदिर पर मेला लगता है। सभी लोग इसी टूटे पुल से ही जाते हैं।
- गोपीनाथ यादव
हम लोगों को खेती के लिए नदी के उस पार पुल से हो कर जाना पड़ता है। कई बार छोटे बच्चे व जानवर नीचे भी गिर चुके हैं।
- लालचंद्र यादव
नदी पर पुल बन जाने से हरद्वारी ,शेखनपुर, कन्हईपुर, मंगरी आदि कई गांवों तक हमलोग आसानी से चले जायेंगे। अभी तो आने जाने में डर बना रहता है। - सुरेश मौर्य
गांव के लिए सबसे जरूरी हैं यादव बस्ती के पास नदी पर रपटा पूल बने। ताकि गांव के लोगों को दूसरे गांव जाने का शॉर्टकट रास्ता मिले।
- संतराज दुबे
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