जिले के दो थाना क्षेत्रों में शुक्रवार को महिला व किशोरी के शव मिले। दोनों घटनाएं तेजीबाजार व मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र की हैं। एक मामले में महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला। परिजन सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
बरईपार : इंद्रसेन निषाद की 40 वर्षीय पत्नी सुभद्रा बृहस्पतिवार की शाम करीब पांच बजे घर से 200 मीटर दूर जंगल में लकड़ी तोड़ने गई थी। जब देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजन जंगल में जाकर खोजने लगे। रात में लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची और उसकी खोजबीन में जुट गई। रात में ही सूखी लकड़ी के ढेर के पास जंगल में खून के निशान मिले थे। जिससे हत्या की आशंका बढ़ गई थी। रातभर तलाश की गई। सुबह जहां खून का निशान मिला था उससे 50 मीटर दूर सरपत के झुरमुट के पास शव मिला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शव अर्धनग्न अवस्था में था और सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था। सूचना पर थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह पहुंचे। गांव की महिलाएं शव ले जाने से मना करने लगीं। मौके पर पहुंचे सीओ सदर परमानंद कुशवाहा ने एसपी से लोगों की बात कराई तब जाकर लोग शांत हुए। शव को चार घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।थानाध्यक्ष ने बताया किससुर रामजीत निषाद के शक के आधार पर लोगों को थाने पर बैठा लिया गया है। पुलिस हर बिंदुओं पर जांच करेगी।
मछलीशहर : कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद बाजार के पास स्थित गांव के तालाब में एक किशोरी का शव बरामद हुआ। परिजनों ने गांव के तीन युवकों और एक महिला पर हत्या कर शव तालाब में फेंकने का आरोप लगाया है। तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
किशोरी के पिता की तहरीर पर कोतवाली में 20 को गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने गांव के ही तीन युवकों को हिरासत में लिया था। पिता के अनुसार, पुलिस ने हिरासत में लिए गए रेहान, मन्नान और फिरदौस को बृहस्पतिवार की शाम पूछताछ के बाद छोड़ दिया। पिता की तहरीर पर रेहान, फिरदौस, मन्नान व रूखसार के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
उधर, मछलीशहर कोतवाली में आए आईजी वाराणसी मोहित गुप्ता से पीड़ित परिवार ने मुलाकात की। पिता ने कोतवाली में तैनात कुछ पुलिस कर्मियों की लापरवाही से हत्या होने का आरोप लगाया। पिता ने रुपये लेकर पूछताछ के बाद आरोपियों को छोड़ने के बाद ही घटना होने की बाद कही।आईजी ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र देने को कहा। साथ ही पुलिस अधीक्षक को जांच कर दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।