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UP Crime: अधिकारियों की आईडी चोरी कर 600 रुपये में बनाते थे जन्म प्रमाणपत्र, ऐसे हुआ खुलासा; आठ गिरफ्तार

Fri, 05 Dec 2025 04:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Jaunpur News: जौनपुर जिले में अधिकारियों की आईडी चोरी कर जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 
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जन्म प्रमाण पत्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अधिकारियों की आईडी-पासवर्ड चोरी कर जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सरगना लखनऊ का अभिषेक गुप्ता है। इनके पास से 500 जन्म प्रमाणपत्र, नौ एंड्रायड मोबाइल और चार लैपटॉप बरामद हुए हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों के लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी मिले हैं। आरोपी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए 600 से 1000 रुपये वसूलते थे। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों ने पहले का डेटा डिलीट कर दिया है।

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गिरोह करीब डेढ़ साल से जिले में सक्रिय था, जो महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों की आईडी-पासवर्ड से जन्म प्रमाणपत्र जारी करता था। शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपी पहले पकड़े थे, जिनसे पूछताछ के बाद अलग-अलग जगहों से पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ग्राम पंचायत की आईडी से मिलते-जुलते पासवर्ड से लॉगिन करने की कोशिश करते थे। सफल होने पर उस आईडी को प्रयोग में लेते थे। इसके बाद एनी डेस्क से स्क्रीन शेयर के माध्यम से संबंधित आईडी का नया पासवर्ड जनरेट कर लेते थे। उस आईडी-पासवर्ड को एक-एक दिन के किराये पर दूसरों को भी देते थे, जिससे अधिकतम 100 प्रमाण पत्र जारी करने की डील होती थी।  

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ऐसे हुआ खुलासा

इस गिरोह में जलालपुर थाना क्षेत्र के मुरलीपुर निवासी विनय यादव भी था, जो पहले आधार कार्ड बनाने का काम करता था, जिसके खिलाफ जलालपुर थाना क्षेत्र के असबरनपुर निवासी रतन कुमार ने 22 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि बेटी का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विनय यादव से मुलाकात की थी। विनय ने जन्म प्रमाणपत्र तैयार करके दे दिया था। बाद में जन्म प्रमाणपत्र का सत्यापन सीएमओ ऑफिस, जौनपुर से करवाया तो पता चला कि यह प्रमाण पत्र फर्जी है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि विनय यादव का एक गैंग है। दो दिसंबर को विनय यादव, रामभरत मौर्या और शाहबाज हसन को गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त

  • अभिषेक गुप्ता निवासी प्रेमाविहार कॉलोनी, थाना पारा लखनऊ (सरगना)
  • राशिद निवासी खैरी थाना विसफी मधुबनी (बिहार)
  • अंकित यादव उर्फ शुभम निवासी निवासी टेकई थाना मोहम्मदाबाद गोहना मऊ
  • राज कुमार उर्फ विक्की निवासी हैबतपुर थाना गौर सिटी-02 गौतमबुद्ध नगर
  • राजीव कुमार निवासी डंगरौली थाना हसनपुर अमरोहा
  • शहबाज निवासी विजयपुरवा थाना चकिया जनपद चंदौली
  • राम भरत मौर्या निवासी रामदत्तपुर थाना बलुआ चंदौली
  • विनय यादव निवासी मुरलीपुर थाना केराकत, जौनपुर।
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बंगाल के व्यक्ति को महाराष्ट्र में दिखाकर बना दिया प्रमाणपत्र

जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का गिरोह व्हाट्सएप पर संचालित होता था। यह प्रमाणपत्र किस देश या स्थान के लोगों को जारी कर दिया गया है यह कह पाना मुश्किल है। हालांकि पुलिस को यह प्रमाण जरूर मिल गया है कि पश्चिम बंगाल में बैठे व्यक्ति का जन्म स्थान महाराष्ट्र में दिखाकर प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। यह जन्म प्रमाणपत्र उत्तर प्रदेश से जारी किया गया है। फिलहाल, ऐसे ही 500 प्रमाण पत्र पुलिस के हाथ लगे हैं, जिसे निरस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। एएसपी सिटी के मुताबिक यह व्हाट्सएप पर मैसेज पड़ता और उसे अमरोहा से ऑपरेट किया जाता था, जिसका एक्सेस लखनऊ या विहार से मिलता था।

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