मामले में एसपी डॉ. कौस्तुभ ने जिले स्तर पर एसआईटी का गठन किया। इसी बीच सोनभद्र एसआईटी ने भोला प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया था। इसी क्रम में जौनपुर की एसआईटी ने वारंट बी के तहत आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, इसी क्रम में सोनभद्र पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में भोला प्रसाद जायसवाल को जौनपुर पेशी के लिए लायी।
इसे भी पढे़ं; नए साल में बच के: बधाई के चक्कर में कहीं खाली न हो जाए बैंक अकाउंट, बचने के लिए बरतें ये सावधानी
ट्रक नहीं, ऑटो के नंबर दर्शाए गए
ड्रग विभाग की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले में कोडीन युक्त कफ सिरप की खरीद और बिक्री केवल कागजों में दर्शा गई है। जिन फर्मों के नाम पर लेन-देन दिखाया गया है, वे सभी फर्जी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेजों में जिस ट्रक से सप्लाई दिखाई गई है, वह वास्तव में ट्रक नहीं बल्कि ऑटो और बाइक का नंबर हैं।
भीड़ के कारण दोपहर में नहीं हुई पेशी
कड़ी सुरक्षा के बीच में वज्र वाहन से करीब 12.30 बजे आरोपी भोला जायसवाल को पुलिस हिरासत में लाया गया, लेकिन भीड़ के कारण पेश नहीं की। कुछ समय के बाद पुलिस ने आरोपी को दूसरे गेट से अंदर लाकर पेशी करा दी।