फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मृत्यु का भय मिटाकर मोक्ष का मार्ग दिखाती है भागवत कथा : निलेश महराज

विज्ञापन
तालामझवारा पड़ान में आरती करते देवी गीत गायक रवींद्र सिंह ज्योति सहित अन्य कलाकार। संवाद
विज्ञापन
जलालपुर। भागवत कथा मनुष्य को मृत्यु का भय मिटाकर मोक्ष का मार्ग दिखाती है। राजा परीक्षित ने मृत्यु का भय होने के बावजूद अपना सर्वस्व त्याग कर मोक्ष का मार्ग चुना। उक्त बातें शुक्रवार की देर शाम तालामझवारा पड़ान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ महापुराण के पांचवें दिन काशी से आए कथावाचक पं. निलेश महाराज वेंकटेश ने कही। कथा का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार का त्याग ही भक्ति की पहली सीढ़ी है। जब इंद्र को अपनी शक्ति का अहंकार हो गया और उन्होंने ब्रज को डुबोने का प्रयास किया तब नन्हे कान्हा ने सात कोस के गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। कथा स्थल पर गोवर्धन पर्वत की भव्य झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने गोबर से बने गोवर्धन महाराज की पूजा और परिक्रमा की। गोवर्धन लीला के बाद भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का छप्पन भोग लगाया गया। गायक रवींद्र सिंह ज्याेति के भजनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए। आयोजक पवन पांडेय, अतुल पांडेय, शारदा प्रसाद पांडेय और हौसला पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर गीतकार मृत्युंजय सिंह सीपी, ममता सिंह, कृषांग देव सिंह, रवि शंकर चौबे, सूर्यमणि चौबे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें