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भदेठी कांड: सीएम की सख्ती के बाद एसओ पर गिरी गाज

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जौनपुर। भदेठी गांव में बच्चों के बीच विवाद को लेकर हुए उपद्रव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम की सख्ती के बाद घटना की पहली सरायख्वाजा एसओ पर गिरी है। एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। विभागीय कार्रवाई के लिए एएसपी ग्रामीण को मामले की जांच सौंपी गई है। सीएम ने उपद्रव से प्रभावित अनुसूचित जाति के प्रत्येक परिवार को समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत एक-एक लाख रुपये की मदद मुहैया कराने और बेघर हुए सात परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पीड़ित सहायता कोष से भी 10.26 लाख रुपये जारी किया गया है। इससे प्रभावित परिवारों को हुई क्षति की भरपाई की जाएगी।
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मंगलवार को आम तोड़ने और पशु चराने को लेकर भदेठी गांव में दो समुदायों के बच्चों के बीच विवाद हुआ थी। इसी विवाद को लेकर देर रात एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की बस्ती में घुसकर जमकर उपद्रव मचाया था। घरों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी थी। कई मवेशी जलकर मर गए। बाइक भी फूंक दी। पुलिस ने मामले में 57 नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करते हुए रात में ही 35 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीना ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने घटना की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी। इसके आधार पर मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों की फौरी मदद के लिए पीड़ित सहायता कोष से 10.26 लाख रुपये अवमुक्त किए हैं। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत अनुसूचित जाति के 42 पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की मदद भी देने का निर्देश दिया है। घटना के लिए स्थानीय पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए एसओ पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के कुछ घंटे बाद ही एसपी अशोक कुमार ने सरायख्वाजा एसओ संजीव कुमार मिश्र को लाइन हाजिर करते हुए मामले की जांच एएसपी ग्रामीण संजय राय को सौंपी है। घटना के तीसरे दिन भी गांव में भारी फोर्स तैनात रही। पुलिस और पीएसी के जवान गांव में डटे हुए हैं। डीएम ने बताया कि 20 परिवारों के मकान में आग लगाई थी। इसमें सात परिवारों की झोपड़ी पूरी तरह जल गई थी। इन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गांव के सभी शस्त्र लाइसेंस निलंबित होंगे
भदेठी गांव में उपद्रव के दौरान आरोपियों की ओर से हवाई फायरिंग किए जाने का भी पीड़ितों ने आरोप लगाया है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं कि गांव में जारी सभी असलहों के लाइसेंस निलंबित मानते हुए उसे तत्काल थाने में जमा कराएं। आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त भी किए जाएंगे। घटना में ग्राम प्रधान और एक सपा नेता की भूमिका को लेकर पीड़ित पक्ष में गुस्सा है। लिहाजा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है।
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दो अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
उपद्रव के बाद पुलिस ने रात में ही कार्रवाई करते हुए 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। कुल 57 लोग नामजद किए गए हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के कारण दूसरे पक्ष की बस्ती के तमाम घरों में ताले लग गए हैं। भय से लोग घर छोड़कर फरार हैं। वहां सिर्फ महिला, बच्चे और बुयजुर्ग ही हैं।
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राज्यमंत्री समेत कई नेताओं ने गांव पहुंचकर जताई संवेदना
करंजाकला। भदेठी कांड को लेकर अब नेताओं की सरगर्मी बढ़ गई है। सपा के कुछ नेताओें की गिरफ्तारी के बाद पार्टी जहां प्रशासन की कार्रवाई पर उंगली उठा रही है, वहीं सत्ताधारी दल के लोग पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने में जुट गए हैं। बृहस्पतिवार को राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों का हाल जाना। उन्हें ढांढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद और न्याय का भरोसा दिया। समाजसेवी दिलीप राय बलवानी ने घटना में मुख्यमंत्री की ओर से त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सीएम के इस साहसिक कदम से समाज विरोधी तत्वों का हौसला टूटेगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति भी संवेदना जताई है। आरएसएस के विभाग प्रचारक संतोष व सेवा भारती के मुख्य संरक्षक जगह नारायण दुबे के निर्देशन में डॉ. संजय पांडेय की अगुवाई वाली टीम गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। घटना की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ितों को ढांढ़स बंधाया। प्रतिनिधिमंडल में विहिप के विभाग अध्यक्ष रमेश चंद्र सिंह, मुन्नू, जयभुवन शर्मा, अंकुर सिंह, आनंद सिंह, अतुल सिंह, अजय साहनी आदि शामिल रहे।
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