धर्मापुर। बिटिया की शादी में मदद का भरोसा दिलाने वाले अपनों ने ऐन वक्त पर दगा दे दी तो शीतला चौकिया धाम के महंत और पंडा समाज आगे आया। शादी के लिए जरूरी किसी भी सामान की व्यवस्था न हो पाने पर एक दिन पहले बेबस मां चौकिया माता के दरबार में गुहार लगाने पहुंची। वहां मौजूद महंत ने उसकी पीड़ा सुनी। सिद्दीकपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में एक गरीब महिला अपनी बेटी और परिवार के साथ रहती है। 14 फरवरी को उसकी बेटी की बरात घर पर आने वाली थी। मगर, एक दिन पूर्व 13 फरवरी तक उसके घर में बरातियों के नाश्ते के लिए मिठाई, नमकीन, भोजन और शादी में साड़ी, कपड़े, नकदी व विवाह सामग्री कुछ भी उपलब्ध नहीं था। बेटी की शादी में जिन्होंने मदद करने का वादा किया था, वे मुकर गए। बेबस मां शीतला चौकिया धाम पहुंची और महिला मुलाकात मंदिर में धाम के महंत विवेकानंद पंडा, उनके सहयोगी विकास पंडा, आशीष माली, मोनी पंडा, रवि पंडा, विजय पंडा, पवन पंडा, चंद्रदेव पंडा, बिपिन सैनी से महिला ने कहानी सुनाई। महंत ने मंदिर परिवार की ओर से महिला की मदद का पूरा भरोसा दिलाया। बरातियों के लिए मिष्ठान, नमकीन, राशन सामग्री के साथ ही साड़ी, कपड़े, घड़ी, नकद रुपये उपहार स्वरूप दिए। महिला के साथ आए परिजन ऑटो रिक्शा से सामान लेकर घर चले गए। 14 फरवरी की शाम को बेटी की शादी में भाई बनकर पहुंचे आशीष माली परिवार के साथ पूरी व्यवस्था कर सहयोग में लगे रहे। महिला ने महंत और उनके सहयोगी साथियों का आभार जताया।