भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कांग्रेस नेता डा. बीएल वर्मा की भूख हड़ताल खत्म कराने जिला अस्पताल गए एसडीएम को खाली हाथ लौटना पड़ा। काफी प्रयास के बाद वह भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुए। प्रशासन ने दबाव बनाना चाहा तो कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इसे लेकर प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक हुई। विधायक नदीम जावेद ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने डा. वर्मा के साथ अभद्रता की।
सतहरिया-इटहरा बाईपास मार्ग में भूमि अधिग्रहण के एवज में पर्याप्त मुआवजा देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे डा. बीएल वर्मा की हालत सातवें दिन बिगड़ने लगी। जिला प्रशासन को जब इसकी खबर लगी तो अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर सीओ सिटी फोर्स के साथ जिला अस्पताल में भर्ती डा. वर्मा का अनशन तुड़वाने पहुंच गए।
अनशन पर बैठे डा. वर्मा को जबरन जूस पिलाकर अनशन खत्म कराने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी जब विधायक प्रतिनिधि खुर्शीद अनवर खां को मिली तो वह समर्थकों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच नोकझोंक हुई। इस मौके पर तौकीर, सरजू सिंह, सूरज मोदनवाल, नसीम अहमद, लल्लू सलमानी आदि रहे।