जिला जज अनिल कुमार वर्मा ने गौराबादशाहपुर थानाक्षेत्र के कबीरूद्दीनपुर गांव में ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव की तलवार से गर्दन काटकर हत्या के मामले में षड्यंत्र के आरोपी दरोगा राजेश यादव की जमानत निरस्त कर दी। वादी रामजस यादव ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गत 30 अक्तूबर को सुबह 7:15 बजे वादी, उसका चचेरा भाई अनुराग घर से खेत में जा रहे थे। उसी समय रमेश, शशांक, सूरज, लालता, लालमोहन व राजेश जमीन की रंजिश को लेकर जान से मारने की नीयत से एक राय होकर हाथ में तलवार, लाठी व अन्य हथियार से लैस होकर ललकारते हुए आए। अनुराग की गर्दन रमेश ने एक ही बार में तलवार से काट दी। उसे भी दौड़ा लिया। वह चिल्लाते हुए जान बचाने के लिए भागा। परिवार वालों को भी आरोपी ने ललकारते हुए कहा कि आज इसके परिवार में कोई भी सदस्य बचना नहीं चाहिए। अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई। दरोगा (एसआई) की ओर से तर्क दिया गया कि वह वर्तमान समय में मेरठ में तैनात है। घटना के डेढ़ वर्ष पूर्व से अपने घर नहीं आया। दो नवंबर से जेल में बंद है। रिहा करने की मांग की। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने केस डायरी में गवाहों के बयान का हवाला दिया, जिसमें आरोपी की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के कथन किए गए हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी दरोगा की जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।