केराकत रोते बिलखते शीतल के परिजन। संवाद
केराकत। सरायबीरू गांव के पांच दोस्त बुधवार की शाम को कार धुलवाने की बात कहकर घर से निकले थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद यह सफर तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगा। लालगंज-आजमगढ़ मार्ग पर मोलनापुर के पास हुए हादसे में रोहन (15), शीतल (18) की मौत हो गई। जबकि तीन दोस्त घायल हो गए। दोनों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। जिस गांव में कुछ घंटे पहले तक सब सामान्य था, वहां अब हर तरफ हादसे की चर्चा और परिजनों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
बड़े बेटे की मौत की सूचना से बेसूध हुईं सुनीता देवी
रोहन की मौत की सूचना मिलते ही मां सुनीता देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रोहन परिवार का बड़ा बेटा था। उसके अलावा एक छोटा बेटा सारू और तीन बेटियां हैं। अभी किसी बेटी की शादी नहीं हुई है। बेटे की असमय मौत से परिवार सदमे में है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
शीतल की मौत से परिवार के लोग बदहवास
शीतल भी परिवार का बड़ा बेटा था। उसके बाद एक छोटी बहन है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां फुलवंती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के भविष्य का सहारा माने जाने वाले बेटे की मौत से परिजन बदहवास हैं।
दस दिन पहले मुंबई से घर लौटा था साहिल
साहिल दो भाइयों में बड़ा था। वह करीब दस दिन पहले ही मुंबई से घर लौटा था। परिजनों के मुताबिक, वह वहां शटरिंग का काम सीखने गया था।