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Jaunpur News: अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर निकली जागरूकता रैली

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अन्तराष्ट्रीय बाल श्रम दिवस पर बालिकाओं ने रसूलपुर में किया कार्यक्रम। स्रोत-संस्था
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मड़ियाहूं। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जन विकास संस्थान की ओर से रामपुर नदी (कलिंजरा) और बरमदेवा ग्राम पंचायतों में जागरूकता गोष्ठी एवं रैली का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को बाल शिक्षा के अधिकार के प्रति जागरूक किया।
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उड़ान परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में जन विकास संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद मोहसिन अंसारी, सामुदायिक विकास कार्यकर्ता शिव प्रकाश एवं बेबीजी ने बाल श्रम से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। बाल श्रम की जानकारी मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा प्यार का अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों और किशोर-किशोरियों ने अपने गांव को बाल श्रम मुक्त बनाने की शपथ ली। गोष्ठी के बाद जागरूकता रैली निकाली गई। हर बच्चे का यही अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्यार जैसे नारों से पूरा गांव गूंज उठा। कार्यक्रम में करीब 55 किशोर-किशोरियों एवं महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अंजली, सानिया, मनीषा, अंकिता, प्रिया, सृष्टि, अर्चना, रितिका और रामआसरे भारती उपस्थित रहे।
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बाल श्रम कानूनन अपराध, बच्चों के लिए सबसे जरूरी है शिक्षा
मीरगंज। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता की अलख जगाई गई। उड़ान परियोजना के तहत जन विकास संस्थान द्वारा ब्लॉक के चौकी खुर्द, रसूलपुर, बरावां और जगदीशपुर ग्राम पंचायतों में विशेष गोष्ठी व जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यकर्ता दिलीप कुमार ने कहा कि बाल श्रम एक कानूनन अपराध है। यदि कोई भी 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा या बच्ची मजदूरी करते हुए पाया जाता है, तो यह उसके अधिकारों का हनन है।
उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों के लिए सबसे पहली और जरूरी चीज शिक्षा है, उसके बाद ही कुछ और सोचना चाहिए। संस्थान की कार्यकर्ता सुनीता ने उपस्थित लोगों को बाल श्रम के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के समापन पर किशोर-किशोरियों ने गांवों में जागरूकता रैली निकाली। हाथों में तख्तियां लिए बच्चों के गगनभेदी नारों से पूरा ग्रामीण इलाका गूंज उठा। इस पूरे आयोजन में लगभग 65 किशोर-किशोरियों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर नवनीत, सुषमा, सोनी, पिंकी, खुशबू, गुंजा, सेजल, राधा, काजल, आंचल आदि रहे।
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