शहर में वन-वे व्यवस्था लागू करने के विरोध में आटो रिक्शा चालकों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल कर दी। सैकड़ों की संख्या में बीआरपी इंटर कालेज के मैदान में जुटे आटो रिक्शा चालकों ने पुलिस प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ
प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि पुलिस के जवानों ने दर्जन भर से अधिक आटो रिक्शा चालकों की पिटाई की और शहर में घुसने नहीं दिया। श्रमिक कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अख्तर अली ने पुलिस प्रशासन के इस निर्णय
के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। आटो रिक्शा चालकों की हड़ताल से यात्रियों की काफी फजीहत हुई। साइकल रिक्शा शहर में जरूर चल रहे थे, लेकिन इसके लिए यात्रियों को अधिक किराया चुकाना पड़ा।
श्रमिक कल्याण समिति का आरोप है कि शहर में कदम-कदम पर लग रहे जाम की समस्या से निबटने के लिए पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को आटो रिक्शा को शहर में घुसने से रोक दिया।
लाल दरवाजा, सिपाह, मड़ियाहूं पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव से आटो चालकों को शहर में नहीं आने दिया गया। आरोप है कि सुबह लाल दरवाजा के पास कुछ आटो चालक पुलिस की इस पाबंदी को नजरअंदाज करते हुए शहर के अंदर
दाखिल हुए तो पुलिस ने उनकी पिटाई कर दी। पिटाई की सूचना पर श्रमिक कल्याण समिति के अध्यक्ष अख्तर अली लाल दरवाजा पहुंच गए। उन्होंने आटो चालकों के साथ बैठक की और सभी रिक्शा चालकों को बीआरपी मैदान में
पहुंचने को कहा गया। दोपहर एक बजे तक एक सौ से भी अधिक चालक मय आटो रिक्शा के बीआरपी मैदान में पहुंच गए। यहां पुलिस के ताजा फैसले के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
आरोप लगाया कि मल्हनी रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों को शहर के अंदर तक आने दिया जा रहा है और आटो रिक्शा चालकों को दो किलोमीटर पहले लाल दरवाजे के पास में ही रोक दिया जा रहा है।
ऐसे कर के गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है। चालकों ने मांग की कि पुलिस ने अपने इस फैसले को नहीं बदला तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।