महराजगंज। केवटली में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को काशी से आए स्वामी नीरजानंद महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कहा धनवान व्यक्ति वहीं है, जो अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करें। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम के द्वारा ही संभव हो सकती है। पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को उठा लिया और स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पुतना का वध कर उसका कल्याण किया। सभी को गो माता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर संतोष दुबे, राम रक्षा दुबे, द्वारिका रमेश सत्येंद्र अमित सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं मौजूद रहे।