खेतासराय में कार्पोरेशन बैंक के एटीएम में लगा ताला।
नोट बंदी के 35 दिन बाद भी लोग कैश की समस्या से जूझते रहे। इधर बैंकों में तीन दिन की बंदी के चलते मुसीबतें और बढ़ गई । एटीएम खाली पड़े हैं कैश के लिए लोग इधर उधर भटकते रहे। निर्देश था कि एटीएम में दिन में तीन बार पैसे भरे जाएंगे लेकिन जिले में अधिकतर एटीएम ऐसे हैं जहां नोटबंदी के बाद अभी तक एक दिन भी पैसा नहीं भरा गया।
शहर के जिन एटीएम में पैसे भरे भी जाते रहे वहां भी तीन दिन से सन्नाटा पसरा है। लोग पैसे निकालने के लिए आए जरूर पर एटीएम में ताला लगे होने के चलते बैरंग लौट गए। सामान्य दिनों में भी बैंकों में जब भी कभी एक दिन से अधिक छुट्टी होती थी तो लोगों की परेशानी बढ़ जाती थी।
लेकिन नोटबंदी के समय में भी बैंक में तीन दिन लगातार छुट्टी ने लोगों को परेशान करके रख दिया है। एटीएम से पैसे निकालने के लिए शहर में एक बूथ से दूसरे बूथ का चक्कर लगाने वालों में कई लोग ऐसे भी मिले जिनके घर में खर्ची नहीं है। घर में खाने पीने की सामग्री नहीं है उसके लिए पैसे चाहिए लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले।
नगर के अबीरगढ़ टोला निवासी हसन इमाम भंडारी रेलवे स्टेश परिसर में स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकालने के लिए दोपहर एक बजे पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि घर में खर्ची खत्म हो गई है। उनके पास खेतीबारी भी नहीं है। पानी तक खरीद कर पीना पड़ता है।
ऐसे में नोटबंदी से वह बेहद आहत हैं। सारा काम छोड़कर वह सुबह से एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर चक्कर लगा रहे लेकिन कहीं भी एटीएम से पैसा नहीं निकल रहा है। दोपहर करीब डेढ़ बजे ओलंदगंज स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर मिले अमरेथुआ गांव निवासी अखिलेश राजभर ने बताया कि वह 40 किलोमीटर दूर से यहां पैसे निकालने आए हैं।
13 दिसंबर को उन्हें मुंबई जाना है। गोदान एक्सप्रेस का टिकट है। पास में रास्ते का भी खर्च नहीं है। सुबह शहर में नौ बजे पहुंच गया था। करीब बीस एटीएम बूथों का चक्कर लगाने के बाद यहां पहुंचा हूं। यहां भी पैसा नहीं है। कुछ ऐसी ही पीड़ा करंजाकला के राकेश यादव और विसुनपुर गांव के अमित मिश्रा की भी रही।