धर्मापुर। सपा के विशेष आमंत्रित सदस्य राज्य कार्यकारिणी आलोक त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को धर्मापुर ब्लॉक क्षेत्र के इमलो बाजार में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। आलोक त्रिपाठी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बगैर पिछले कुछ वर्षों से संसद को देखते राहुल गांधी ने संपूर्ण विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए विपक्ष की ऐसी आवाज प्रस्तुत की जिससे लोकतांत्रिक मूल्य धरातल पर दिखाई देने लगे। नेता प्रतिपक्ष के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व अन्य सांसदों की जुगलबंदी ने विपक्ष को और भी धारदार बना दिया है। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को भारतीय संसद में जमीन पर पिन गिरती तो भी आवाज सुनायी देती, कल संसद के अंदर इसी प्रकार का सन्नाटा था। पक्ष और प्रतिपक्ष की बेंच की एकाग्रता इतिहास दर्ज कर गया। राहुल गांधी की शैली ने भविष्य की पटकथा लिखती हुई दिखाई दी। राहुल के भाषण में केवल सीमा नीति की फटी हुई अनुदान भोगी प्रवृति का उलाहना भर नहीं था, विदेशनीति को शिखर पर पुनर्स्थापित करने की कुंजी भी साथ में थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर, बाकी विफलता को स्पष्ट दर्शाया। संवाद