जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र के खपरहा बाजार निवासी व किराना व्यवसायी अखिलेश जायसवाल की अपहरण के बाद हत्या के मामले में एक पखवारे बाद भी मुख्य आरोपी समेत तीन बदमाशों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। वारदात के कुछ दिन बाद मुठभेड़ में तीन लोगों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस की कार्रवाई पर अब सवालिया निशान लगने लगा है। इसे लेकर व्यापार मंडल के लोग भी जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन, अभी तक मामले में फरार आरोपियों का सुराग तक पुलिस नहीं लगा पाई है।
30 दिसंबर की रात लगभग साढ़े आठ बजे अखिलेश जायसवाल (45) को घर से कुछ दूरी से उस समय अगवा कर लिया गया था। पत्नी अनामिका की तहरीर पर पुलिस ने पहले गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया। हालांकि व्यापारियों व जन प्रतिनिधियों के दबाव पड़ने पर पुलिस ने मामले में पहली जनवरी को गांव के ही बृजेश सिंह पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पांच जनवरी को मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि बृजेश व दीपक सिंह ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर व्यवसायी का अपहरण किया और पिटाई से उसकी मौत हो गई। साक्ष्य मिटाने के लिए बदमाशों ने सई नदी के खुनसापुर घाट के पास पेट्रोल छिड़क कर शव को जला दिया। यह खुलासा मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथी अमन सिंह से पुलिस को हुआ। जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने घाट पर जाकर व्यापारी की जली हड्डियां अधजली लकडि़यां, मृतक का जला हुआ स्वेटर व बाल चिपका था, बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। साथ ही इसी रात रीठी गडरहा पल के पास पुलिस मुठभेड़ में दीपक को पैर में गोली लगी और दूसरे बदमाश राजकुमार को दौड़ा कर पकड़ लिया गया। वादी अनामिका की तहरीर में संशोधन कर मुख्य आरोपी बृजेश के अलावा दीपक सिंह, राज कुमार सिंह, अमन सिंह, मनोज सिंह (रीशू) व एक अज्ञात सहित 6 पर अगवा कर हत्या व साक्ष्य मिटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर फरार बृजेश, मनोज व एक अज्ञात की तलाश में पुलिस जुट गई। लेकिन आज तक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी।