जौनपुर। अप्रैल में ही गर्मी चरम पर है। अभी मई-जून बाकी है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि वर्ष 2000 के बाद 2025 अप्रैल में इतनी भीषण गर्मी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 43 तो न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दो से तीन दिनों तक मौसम के ऐसे ही बने होने की संभावना रहेगी। भीषण गर्मी ने आम जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तेज धूप में गेहूं की कटाई और थ्रेशर पर मड़ाई करने में किसानों के छक्के छूट जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे से चार बजे तक लू के थपेड़ें से सभी बेहाल रहे। शहर के तिराहे, चौराहों पर गन्ने का रस, ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंग के वाहन, खीरा, नारियल के पानी की अस्थायी दुकानें सजी हैं। राहगीर इन दुकानों से अपनी प्यास बुझा कर गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे । उधर, तेज धूप व गर्मी के चलते किसानों को चारा और सब्जी के फसल की सिंचाई बराबर करनी पड़ रही है। मौसम के जानकारों का कहना है कि आगामी सप्ताह में तापमान में और वृद्धि होगी। पूरे अप्रैल भर मौसम में उतार चढ़ाव बना रहेगा। मौसम में तल्खी के साथ ही अस्पतालों में मरीज बढ़ गए हैं।
1987 में अप्रैल में 47 डिग्री तक पहुंच था तापमान-मौसम राज्य वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2000 में अप्रैल महीने में जौनपुर जिले में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके पहले 1987 में जौनपुर में अप्रैल में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया था। 1989 में अप्रैल में अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस था।
ढाई दशक में अब तक की सबसे भीषण गर्मी पड़ रही है। अप्रैल में ही 43 डिग्री सेल्सियस तापमान होना बहुत बड़ी बात है। इतनी गर्मी तो मई व जून में पड़ती थी। आगे भी ऐसे ही गर्म तापमान बने रहने की उम्मीद है। - अतुल कुमार सिंह, मौसम राज्य वैज्ञानिक।