खुटहन। त्रिकौलिया गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव प्रसंग को सुन भावविभोर हो उठी। व्यास पीठ से कथा का रसपान कराते हुए आचार्य अखिलेश चंद्र मिश्र ने भक्त प्रह्लाद के चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के सच्चे भक्त का अहित करने वाला अंततः स्वयं विनाश को प्राप्त होता है। उन्होंने होलिका दहन प्रसंग, राजा बलि की अतुलनीय दानशीलता और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा को आत्मिक शांति और धर्म जागरण का माध्यम बताया। इस अवसर पर पं. सत्य प्रकाश मिश्र, वैद्य हौसिला प्रसाद द्विवेदी, जीत बहादुर यादव, इंद्रपाल यादव, चंद्रपाल यादव, बिकास यादव, विपिन सिंह, त्रिलोकी दूबे, मनोज सिंह, मोती गुप्ता, श्याम बाबू गुप्ता, राजकुमार सिंह, ओम दूबे, कृष्णा पंडित, अरनव दूबे, गोलू यादव, छोटू यादव, पंकज पांडेय, रोहित यादव, ओमप्रकाश दूबे, रामअकबाल पाल, विरजू पाल, उमेश गुप्ता, सुषमा यादव, मनसा गुप्ता, विरेंद्र गुप्ता, रवि गुप्ता आदि उपस्थित रहे।