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फसल बरबादी से त्रस्त हो स्कूल में बांधे पशु

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07- मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र के फत्तूपुर कलां गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय मे ग्रामीणों द्वारा ब? - फोटो : JAUNPUR
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मुंगराबादशाहपुर। छुट्टा पशुओं से किसान परेशान हैं। धान की तैयार फसल को पशु बरबाद कर दे रहे हैं। इससे क्षुब्ध फत्तुपुर कला किसानों ने 60 छुट्टा पशुओं को प्राथमिक विद्यालय में बांध दिया। स्कूल में पशुओं के बांधने से पढ़ाई बाधित रही।
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शनिवार की सुबह 11 बजे फत्तूपुर कला गांव के ग्रामीणों ने लगभग 60 से अधिक छुट्टा पशुओं को प्राथमिक विधालय (मटियरा ) में बांध दिया। स्कूल में पशुओं के हांकने के बाद बच्चे स्कूल से बाहर हो गए। अध्यापकों ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी। खंड शिक्षाधिकारी ने ग्रामीणों से वार्ता के लिए टीम भेजी। ग्रामीणों का कहना था कि छुट्टा पशुओं को गांव से बाहर किया जाए या गोशाला बनाकर उन्हें उसमें रखा जाए। । ग्रामीणों का कहना है।कि छुट्टा पशुओं से खेती बारी नहीं कर पा रहे है। छुट्टा पशु उनके खेतों को चट कर जा रहे है। छुट्टा पशुओं का आतंक भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक दर्जनों लोग छुट्टा पशुओं से चुटहिल हो चुके हैं। जब तक कोई सक्षम अधिकारी नहीं आता है हम लोग छुट्टा पशुओं को स्कूल में ही बांधे रहेंगे। किसानों की जिद के चलते टीम को बैरंग लौटना पड़ा। क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश कुमार यादव, ग्राम प्रधान राम अजोर, अनुराग यादव, संत लाल विश्वकर्मा, सूबेदार यादव, ननकी विश्वकर्मा, पप्पू सिंह, सुरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह का कहना है कि छुट्टा पशुओं के चलते लोग खेती नहीं कर पा रहे है । झुंड में घुसकर छुट्टा पशु फसल को चौपट कर रहे हैं।
21 पशु आश्रय में रखे गए हैं 2039 पशु
जौनपुर। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जिले के सभी विकास खंडों में कुल 21 पशु आश्रय बनाए गए हैं, जिनमें 2039 पशु रखे गए हैं। प्रत्येक पशु को चारा पानी के लिए प्रतिदिन प्रति पशु 30 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। इसके लिए योजना के शुरूआती दौर में ही जिले को दो करोड़ का बजट मिला था। जिसमें से 1.30 करोड़ अब तक खर्च हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि गांव में छुट्टा घूम रहे पशुओं को पशु आश्रय पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला पंचायत और शहरी क्षेत्र के पशुओं को पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर पंचायत और नगरपालिका को दी गई है। हालांकि आस्थाई गोशाला बनाकर वहां पशुओं को रखा जरूर गया है लेकिन पशु आश्रयों की हालत बद से बदतर हो गई है। इन पशु आश्रयों में आएदिन भूख और प्यास से पशुओं की मौत हो रही है। चारे पानी और उनकी देखभाल के लिए मुकम्मल इंतजाम नहीं है।
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विद्यालय में ग्रामीणों द्वारा छुट्टा पशुओं के बंद किए जाने की सूचना मिली तो मै बाहर था। पास के कुछ शिक्षकों को मौके पर भेजकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन लोग नहीं माने। उच्च अधिकारियं को सूचना दे दी गई है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
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जवाहरलाल यादव खंड शिक्षा अधिकारी मुंगराबादशाहपुर
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