बालक का शव घर लाने के बाद बैठकर विरोध जताते लोग। संवाद
जफराबाद। अहमदपुर गांव में रविवार को 14 वर्षीय समीर उर्फ यश गौतम की पोखरे में डूबने से हुई मौत के मामले में सोमवार को दिनभर गहमागहमी रही। एक तरफ जहां प्रशासन ने ग्रामीणों के रोष को देखते हुए विवादित पोखरे को पाटने और रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया, वहीं दूसरी तरफ पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही रिंकू और कृपाशंकर ने यश को जबरन पोखरे में मछली डालने के लिए उतारा था और जब वह डूबने लगा तो उसे बचाने के बजाय दोनों भाग निकले। पुलिस ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है लेकिन आरोपी अभी फरार हैं। सोमवार सुबह से ही नायब तहसीलदार शैलेंद्र कुमार और थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ला की मौजूदगी में जेसीबी और पंप लगाकर पोखरे को खाली कराने और मिट्टी डालने का कार्य शुरू हुआ। शाम छह बजे शव गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिशों में जुटे हैं। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ला ने बताया कि सुबह से दो मिनी पंप से तालाब का पानी खाली करवाया जा रहा है। साथ ही मिट्टी पाटने का काम चल रहा है। परिजनों को समझाया बुझाया जा रहा है कि वे अंतिम संस्कार कर दें। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगीं हुई हैं।