एक और पत्नी और बच्चे थे दूसरी ओर एक नवजात। फैसला बेहद मुश्किल था। लेकिन रामअजोर ने बच्ची को नहीं छोड़ा। नाराज होकर पत्नी अपने दोनो बच्चों को लेकर मायके चली गई। पर रामअजोर अपने फैसले पर डटे रहे और अकेले ही पाल पोस कर बेटी को बड़ा किया। बुधवार को बिटिया का धूमधाम से विवाह भी किया।
बेटी पूजा ने गाजियाबाद के दीपक संग सात फेरे लिए। शादी में पूरा गांव शामिल हुआ। बढ़-चढ़कर पूजा को उपहार भी दिए। शादी के बाद विदाई के वक्त सबकी आंखों में आंसू थे। इस मौके पर रामजनक माली, बड़े भाई की भूमिका में मनोज मौर्य, आशीष माली आदि शामिल हुए।