नगर के बेगमगंज स्थित मदरसा जामिया इमाम जाफर सादिक में आयोजित रौजा इफ्तार में शामिल लोग। संवाद
- फोटो : करणी सेना के पदाधिकारी यूजीसी का विरोध करते हुए। संवाद
जौनपुर। नगर के बेगमगंज स्थित मदरसा जामिया इमाम जाफर सादिक में पवित्र माह-ए-रमजान के 17 रमजान को शिया धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी की ओर से रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। रोजा इफ्तार कर आपसी भाईचारे, प्रेम और एकता का संदेश दिया। मौलाना डॉ. काजिम मेंहदी उरूज ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब का संदेश पूरी मानवता के लिए अमन, मोहब्बत और शांति का पैगाम है। उन्होंने कहा कि रमजान बरकतों और रहमतों का महीना है। इसमें इंसान को अपने अंदर की बुराइयों को दूर कर अच्छे कार्यों की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजा इंसान को सब्र और इंसानियत का पाठ पढ़ाता है। यह महीना हमें गरीबों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों की मदद करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के आयोजक मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि माह-ए-रमजान में अल्लाह नेकियों का सवाब कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने कहा कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं बल्कि यह इंसान को हमदर्दी, इंसानियत और दूसरों की तकलीफ को समझने की सीख देता है। इफ्तार से पहले शिया समुदाय की नमाज मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने अदा कराई, जबकि सुन्नी समुदाय की नमाज हजरत अबुल खैर ने पढ़ाई। इसके बाद देश और कौम की तरक्की, अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। इस मौके पर मौलाना हसन मेंहदी, मौलाना रज़ा अब्बास कहना, मौलाना ज़फर खान, लाल मोहम्मद राईन, मोहम्मद मुस्तफा शम्शी, शहनवाज मंज़ूर मौजूद रहे। आरिफ हुसैनी ने आभार व्यक्त किया।