करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग में संचालित पाठ्यक्रमों की नियमित कक्षाएं न चलने पर छात्रों ने नाराजगी जताई है। ज्ञापन सौंपकर सुधार न होने पर नौ फरवरी से आंदोलन करने की चेतावनी दी है। छात्रों का आरोप है कि एमबीए, एमबीए (एग्रीबिजनेस), एमबीए (ई-कॉमर्स) और बीबीए पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक अनियमितता बढ़ती जा रही है। कक्षाओं के नियमित संचालन में विफलता, समय-सारिणी में बार-बार बदलाव और छात्रों के साथ कथित असंवेदनशील व्यवहार को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों का कहना है कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो सैकड़ों विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित होगा। छात्र नेता दिव्यांशु सिंह और ईश्विका सिंह के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति, कुलसचिव और कुलानुशासक को ज्ञापन सौंपकर विभाग की शैक्षणिक और प्रशासनिक स्थिति से अवगत कराया। छात्रों ने बताया कि 26 नवंबर 2025 को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से हालात और बिगड़ गए। इससे छात्रों में असंतोष और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि विभागाध्यक्ष के समय पर उपस्थित न रहने से शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कक्षाएं नियमित रूप से नहीं चल रहीं और कभी पेंटिंग तो कभी अन्य प्रशासनिक कार्यों का हवाला देकर कक्षाएं स्थगित कर दी जाती हैं। समय-सारिणी बिना पूर्व सूचना बदली जाती है। इससे पढ़ाई बाधित होती है। शिकायत करने पर छात्रों के साथ गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया जाता है। शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर शुल्क तो लिया गया लेकिन अब तक न कोई स्पष्ट योजना सामने आई और न ही छात्रों से समुचित संवाद किया गया। पिछले दो सेमेस्टर से मेंटर प्रणाली लागू नहीं होने के कारण छात्रों को शैक्षणिक और मानसिक समस्याओं में मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। ईश्विका सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी शिक्षक के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाने के लिए नहीं है। यदि आठ फरवरी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया तो नौ फरवरी से शांतिपूर्ण और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।