वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सत्र 2015-16 की परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल के आरोप में डिबार किए गए 56 कालेजों में से 38 कालेजों ने उड़ाका दल की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। कालेज संचालकों ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर सामूहिक नकल के मामले की फिर से जांच कराने की मांग की है। कालेजों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान उड़ाका दल ने अनियमित तरीके से बिना किसी गलती के ही सामूहिक नकल का आरोप लगा दिया। आरोप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कालेजों को डिबार कर दिया। आरोपी कालेज एक वर्ष तक परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय से आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर और इलाहाबाद के करीब छह सौ कालेज संबद्ध हैं। मुख्य परीक्षा के दौरान उड़ाका दल टीम ने 56 कालेजों के खिलाफ सामूहिक नकल की रिपोर्ट की थी। रिपोर्ट के बाद विवि प्रशासन ने इन कालेजों को एक वर्ष के लिए डिबार कर दिया। साथ ही केंद्राध्यक्ष को एक वर्ष के लिए परीक्षा कराने से वंचित कर दिया। आरोपी छात्रों की परीक्षा निरस्त की दी गई। परीक्षा फल रुकने के बाद 38 कालेजों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर सामूहिक नकल के आरोप की फिर से जांच कराने की मांग की। कालेजों का आरोप है कि उड़ाकादल टीम जांच के दौरान मनमानी करती है। बिना किसी गलती के ही सामूहिक नकल कराने का आरोप लगाकर विवि को रिपोर्ट कर देते हैं।