केराकत। तहसील में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार शनिवार को तहसील पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता की, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी सुनील कुमार भारती की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके साथ न्यायिक कार्य करने से इन्कार कर दिया। कहा कि जनसुुनवाई में एसडीएम नहीं बैठते हैं। अधिवक्ता लगातार 25 दिन से न्यायिक कार्यों से विरत हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उपजिलाधिकारी तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। गरीब, किसान एवं मजदूर वर्ग के मुकदमों को निष्पक्षता से नहीं निपटाया जा रहा है। लगभग 95 प्रतिशत मुकदमे खारिज किए जा रहे हैं। तय समय से जनसुनवाई (सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे) नहीं शुरू होती। एसडीएम भी समय से नहीं आते। संघ ने निर्णय लिया है कि अब उपजिलाधिकारी और तहसीलदार केराकत के साथ कोई न्यायिक कार्य नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि नायब तहसीलदारों की अदालत में खारिज फाइलों को दोबारा सुनवाई में लिया जा रहा है, जिससे कानूनी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है। मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार ने अधिवक्ताओं की शिकायतें सुनीं और आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर बार संघ अध्यक्ष राजमणि यादव व महामंत्री दिनेश पांडे, संजय चौबे, सुभाष सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।