जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर पूर्व जिलाध्यक्ष हरिश्चंद सिंह के अध्यक्षता में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महामंत्री एवं जिला प्रभारी अशोक चौरसिया रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
जिला प्रभारी अशोक चौरसिया ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, संसद की विभिन्न महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे। वाजपेयी एक ऐसे नेता थे जिन्हें हर राजनीतिक दल स्वीकार करता था। मोरारजी देसाई की सरकार में 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहे। 1980 में जनता पार्टी से असंतुष्ट होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में मदद की। इसके बाद 6 अप्रैल 1980 को बनी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष भी बने। पूर्व अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना कैरियर पत्रकार के रूप में शुरू किया था और 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी। पूर्व विधायक सुषमा पटेल ने कहा कि छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने तभी से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे। 1999 में ही उनके नेतृत्व में 13 दलों की गठबंधन सरकार बनी, जिसने सफलतापूर्वक पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजीत प्रजापति मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्रा, मंडल उपाध्यक्ष मिली त्रिपाठी ने अटल जी के कविता का पाठ किया। विकास शर्मा, नरेंद्र उपाध्याय ने विचार व्यक्त किया। संचालन कार्यक्रम के संयोजक एवं जिला महामंत्री अमित श्रीवास्तव ने किया। उक्त अवसर पर सुनील तिवारी, सुरेंद्र सिंघानियां, राजू दादा, धनञ्जय सिंह, ब्रह्मेश शुक्ला आदि उपस्थित रहे।